भागलपुर में हुए विस्फोट की जांच की जिम्मेवारी बिहार ATS को मिल सकती है। पुलिस मुख्यालय की तरफ से इस घटना की जांच के लिए जल्द आदेश जारी किया जाएगा। शुक्रवार को पटना में ADG लॉ एंड ऑर्डर संजय सिंह ने कहा कि भागलपुर में तातारपुर थाना के तहत काजवली चक इलाके में यह विस्फोट हुआ है। पुलिस मुख्यालय भी दावा कर रही है कि पटाखा बनाने के दौरान यह घटना हुई है। अचानक से गुरुवार रात में विस्फोट हुआ। घटना में कुछ की मौत मौके पर तो कुछ की मौत इलाज के दौरान हुई।
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ADG के अनुसार, अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस बारे में भागलपुर के SSP की तरफ से डिटेल जांच रिपोर्ट दी जाएगी। ADG ने कहा कि यह बात सही है कि इस विस्फोट की डेंसिटी काफी अधिक थी। इससे आसपास के घरों को भी नुकसान हुआ है। इस मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है। कुछ दिनों पहले भी भागलपुर में विस्फोट की घटनाएं हो रही थी। उस समय भी ATS को जांच करने की जिम्मेवारी दी गई थी। इस घटना की भी जांच ATS से कराई जाएगी। अगर स्थानीय थाना स्तर पर भी कोई गड़बड़ी हुई होगी तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।
हर वक्त घर में रहता है 8 से 10 बोरा विस्फोटक

ब्लास्ट की इस घटना के बाद बातें तो कई प्रकार की हो रही हैं। भागलपुर से लेकर पटना पुलिस मुख्यालय तक के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि पटाखा बनाने के दौरान ही धमाका हुआ है, लेकिन घटनास्थल के हालात कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। घायलों से बातचीत में भी पटाखे वाली बात स्पष्ट नहीं हो रही है। दूसरी तरफ स्थानीय सूत्र बता रहे हैं कि जिस लीलावती के घर में यह विस्फोट हुआ, उसके घर में हर वक्त 8 से 10 बोरा विस्फोटक रहता है। जबकि, पिछले 21 सालों से उसके पास पटाखा बनाने का कोई लाइसेंस नहीं है।

IB की इनपुट वाली बात गलत
भास्कर ने भागलपुर के DIG सुजीत कुमार से भी बात की। इन्होंने IB की तरफ से किसी प्रकार के इनपुट मिलने की बात से साफ इनकार किया है। सुजीत कुमार के अनुसार, विस्फोट के साथ-साथ मलबा में दबने से अधिकांश लोगों की मौत हुई है। शब-ए-बारात और शादी के सीजन को लेकर अवैध रूप से पटाखा बनाने का काम चल रहा था और इसी दौरान विस्फोट हुआ। फिलहाल पूरे मामले की जांच रही है।
