भागलपुर। पूर्वी व उत्तर बिहार की लाइफलाइन मानी जाने वाली विक्रमशिला सेतु पर संभल कर चलना होगा। सेतु पर 73 जगहों पर गड्ढे हैं। इससे स्पीड में वाहन चलाने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। 4.70 किमी लंबे सेतु पर सबसे ज्यादा गड्ढे भागलपुर से नवगछिया जाने के क्रम में बायीं ओर हैं। गड्ढों के चलते बड़ी और छोटी गाड़ियां स्पीड नहीं पकड़ पाती हैं। इससे दिनभर पुल पर ट्रैफिक लोड रहता है। इसकी वजह से सेतु के ज्वाइंट्स, उसके रड और एंगल के कमजोर होकर टूटने का खतरा बढ़ गया है। कई छोटे-बड़े गड्ढों के कारण ही पुल पर ट्रकों के गुल्ले अक्सर टूटते रहते हैं। इससे आये दिन जाम लग जाता है।
एक्सपेंशन गैप के पास दिख रहा पुल का छड़
विक्रमशिला पुल की निगरानी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के जिम्मे है। 2017 में पुरानी जर्जर सड़क को उखाड़कर मास्टिक सड़क बनाई गई थी। साधारण से दोगुनी लागत पर बनी मास्टिक सड़क के पीछे पुल निगम का तर्क था कि यह धूप-बरसात में खराब नहीं होगी। इसकी आयु लंबी है लेकिन निर्माण के दो साल बाद ही पुल पर करीब पांच दर्जन गड्ढे निकल गए। इसकी मरम्मत का प्लान तक नहीं बनाया गया है। नवगछिया साइड से भागलपुर आने के क्रम में पहले एक्सपेंशन गैप के पास ही पुल का छड़ दिखने लगा है, जो खतरनाक है।
पुल पर गिरी बालू से बाइक के फिसलने का डर
गौर हो कि जर्जर सड़क के कारण ही पांच साल पहले बियरिंग बदली गई थी। बियरिंग के खराब होने से पुल के पिलरों पर वाहनों के आवागमन से भारी दबाव पड़ता है। पिलरों के दबाव से पुल के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। सेतु के दोनों ओर सड़क पर गिरी बालू से भी वाहन चालकों को डर रहता है। बालू में बाइक के फिसलने और उड़ी धूल से वाहन पर संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है लेकिन इस बालू को नियमित नहीं हटाया जाता है। जब कभी सफाई होती है तो बालू को नदी में ही गिरा दिया जाता है। इससे गाद भर जाती है।

डेढ़ माह में स्ट्रीट लाइट का बल्ब नहीं बदला गया
पुल की रेलिंग भी कई जगहों पर टूट गई है। इससे फुटपाथ पर चलने वाले, साइकिल चलाने वालों की जान जोखिम में रहती है। निगम का दफ्तर खगड़िया में होने से स्थानीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। निगम का हाल यह है कि करीब डेढ़ माह पहले डीएम ने पुल के स्ट्रीट लाइट का बल्ब बदलने को कहा था। अभी तक नवगछिया साइड से मात्र 11 खंभे के ही बल्ब बदले जा सके हैं। 12वें पाया पर सीढ़ी यूं ही खड़ी है।
19 जगहों पर उखड़ी है सड़क
जीरोमाइल से नवगछिया की ओर जाने पर बायीं तरफ में पूरे पुल पर 19 जगहों पर सड़क उखड़ चुकी है। इस वजह से सड़क से सारे ज्वाइंट करीब आधा फीट ऊपर निकल आए हैं। इन जगहों पर छोटे-बड़े वाहन उछल जाते हैं। पुल के हर ज्वाइंट के पास डेढ़ गुणे दो फीट के लोहे के होल लिड लगाए गए हैं। इनमें से 29 के ढक्कन खराब हो चुके हैं। किसी में एक फीट गहरा गड्ढा हो गया है तो किसी के मोटे रड निकले हुए हैं।
पुल किसका, पुल निगम ल एनएच में जिच
विक्रमशिला पुल का अधिकार किसका है? इस पर जिच बरकरार है। निगम के एमडी संजय कुमार सिंह ने बताया कि पुल एनएच को दिया गया है। सड़क की मरम्मत को लेकर उनसे पूछिए। जबकि एनएच के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि पुल हमें हैँडओवर नहीं किया गया है

