राजस्व एवं भूमि सुधार की ओर से फरवरी 2022 में अंचलों के कामों की रैंकिंग जारी की गई है। इसमें भागलपुर का इस्माईलपुर अंचल सूबे में तीसरे स्थान पर है। प्रथम और दूसरे स्थान पर नालंदा जिले के दो अंचल शामिल हैं। वहीं जिलावार रैंकिंग में बांका जिला सबसे बेहतर है। रैकिंग में सूबे के 20 अंचलों में बांका जिले का सात अंचल शामिल है। 50 रैंकिंग तक में बांका के 10 अंचल शामिल हैं।
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इसके अलावा पूर्वी बिहार में लखीसराय का हलसी भी टॉप 20 में जगह बना पाया है। मुंगेर का एक मात्र संग्रामपुर अंचल टॉप 50 में जगह बना पाया है। यह सूबे में 42वें स्थान पर है। लखीसराय का बड़हिया 45वें स्थान पर है। भागलपुर जिले के अंचलों में सन्हौला का प्रदर्शन सबसे खराब पाया गया है।
विभाग द्वारा ऑनलाइन म्युटेशन, दखल दहानी, भूमिहीनों को बासगीत पर्चा,जलनिकाय अतिक्रमण हटाने, परिमार्जन और जमीन की बंदोबस्ती की अंचलवार समीक्षा की गयी। प्रत्येक काम के लिए अंचलवार अंक निर्धारित करते हुए सूबे के 534 अंचलों की रैंकिंग जारी की गयी है। भागलपुर का इस्माईलपुर अंचल 91.35 अंक के साथ सूबे में तीसरे स्थान पर है। रैंकिंग के अनुसार बांका जिले का फुल्लीडूमर 90.73 अंक के साथ छठे, बाराहाट ( 90.40) सातवें, बौंसी (89.60) नौवें, शंभूगंज (89.34) 11वें, रजौन (89) 15वें, चांदन (88.99)16वें और बेलहर (88.85) 17वें स्थान पर है। इसके अलावा बांका सदर 28वें, अमरपुर 39वें, धोरैया 50वें और कटोरिया अंचल 164वें स्थान पर है।

भागलपुर जिले का रंगरा चौक अंचल 30वें, जगदीशपुर अंचल 121 वें, सबौर 151वें, नारायणपुर 167वें, कहलगांव 176वें, पीरपैंती 178वें, गोराडीह 234वें, शाहकुण्ड 262 वें, सुल्तानगंज 267वें, गोपालपुर 277वें, नवगछिया 289वें, खरीक 348वें, नाथनगर 366वें, बिहपुर 390 और सन्हौला अंचल 400वें स्थान पर है। अपर समाहर्ता राजेश झा राजा ने बताया कि अंचल के सभी कामों के लिए अलग-अलग अंक दिये जाते हैं। सबको मिलाकर रैंकिंग तय की जाती है। इस्माईलपुर अंचल में हर क्षेत्र में काम बेहतर हुआ है। जिले के कुछ और अंचलों में काम की प्रगति अच्छी है, लेकिन ऑनलाइन इंट्री कम करने के चलते भी रैंकिंग प्रभावित हुई है। प्रयास किया जा रहा है कि अन्य अंचलों की रैंकिंग में भी सुधार हो।
