नवगछिया। सैदपुर दुर्गा मन्दिर के प्रांगण में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित पांच दिवसीय श्री हरि कथा के दूसरे दिन आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी अमृता भारती ने कहा कि जब तक श्री हरि की भक्ति नहीं आ जाती तब तक जीवन शव के समान है लेकिन वह हरि मिलेंगे कहां वह कहां रहते हैं वैकुंठ में, योगियों के हृदय में या जंगल में।
भक्त प्रह्लाद जी ने श्री हरि की भक्ति को प्राप्त किया, संत नारद जी की कृपा से। हमारे जीवन में भी नारदजी जैसे पूर्ण संत की जरूरत है जो हमें भक्ति की युक्ति प्रदान करते हैं। जिस भक्ति से भगवान मिलते है।
आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी सुकर्मानंद ने कहा भक्त बनने के लिए उस ईश्वर को जानना होगा क्योंकि जाने बिन ना होई परतीती बिना जाने प्रभु से प्रेम नहीं होता और ना ही विश्वास होता है पूर्ण संत ईश्वर की सिर्फ बातें कथा कहानियां नहीं करते बल्कि हमारे अंतरघट में ईश्वर का साक्षात्कार करा कर शाश्वत भक्ति करना सिखाते हैं।

इस कार्यक्रम में शीतली भारती, पुष्पा भारती, गायक गोपाल, वादक प्रवेश, चंदन, मधुर संगीत के द्वारा लोगों को मंत्रमुग्ध किया काफी संख्या में स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

