नवगछिया। इस्माईलपुर प्रखंड को गोपालपुर और रंगरा प्रखंड से जोड़नेवाली 18 करोड़ 20 लाख की लागत से बनने वाली पुल का संपर्क पथ नहीं बनना चार लोगों की मौत का कारण बन गया। पुल अगर समय पर बन जाता तो लोग पुल से होकर आते और एक घर उजड़ने से बच जाता।

वर्ष 2015 में नावार्ड की योजना के तहत 202.9मीटर लंबा पुल बनना था। पुल 2017 में बनकर तैयार हो गया। पुल पर मालपुर दियारा की ओर से संपर्क पथ का निर्माण किया जाना था। जिसके बाद इस पुल से दो प्रखंड जुड़ जाते। लेकिन रैयती जमीन का भूअर्जन नहीं हो पाया जिससे यह कार्य अधर में लटक गया। ग्रामीण कार्य विभाग पथ प्रमंडल नवगछिया ने अभियंता प्रमुख को यह जानकारी दी। अपने पत्र के माधयम से बताया कि कुल 44.42 डिसमिल रैयती जमीन का आधिग्रहन होना है जिसमे 8.19 लाख का खर्च आता है।

संपर्क पथ के लिए दी थी अनशन की धमकी : संपर्क पथ के लिए इस्माईलपुर जिला परिषद सदस्य बिपिन कुमार ने कई बार कार्यपालक अभियंता और एसडीपी को आवेदन देकर पुल में संपर्क पथ बनाने और नहीं बनने की स्थिति में धरना अनशन करने की धमकी दी थी। जिप सदस्य बिपिन मण्डल ने कहा कि गांव के लोग जमीन देने के लिए तैयार थे लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

पुल बनने से 20 किलोमीटर का सफर मिनटों में : इस्माईलपुर के लोगों ने बताया कि अगर पुल से होकर अभिया नहीं जाते हैं तो नवगछिया से होकर 20 से 25 किलोमीटर का सफर तय करना होता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस घाट पर अक्सर घटनाएं घटती हैं, लेकिन प्रशासन के लोगों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।

कार्यपालक अभियंता ने एसडीओ को भेजे गए पत्र में लिखा है कि सीओ गोपालपुर को रैयतों से संबंधित भू अधिग्रहण के लिए मूल्यांकन प्रतिवेदन भेजने के लिए लिखा गया है।

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By न्यूज़ डेस्क

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