नवगछिया । बिहपुर थाना के सोनवर्षा महा दलित टोला में एक ही कमरे में सोए पति पत्नी और तीन मासूम बच्चे के खून से लथपथ मिलने की घटना अभी भी पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। घटना सत्तर घण्टे बाद भी पुलिस घायल भूपेंद्र का बयान नहीं पाई है। बिहपुर थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह फर्द बयान लेने के लिए कई बार मायागंज अस्पताल का चक्कर लगा चुके है लेकिन वह बयान देने के लिए तैयार नहीं है।

शनिवार को भी जब थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह बयान लेने मायगंज अस्पताल पहुचा तो पुलिस को देखते ही कह रोने लगा और बेहोश हो गयाऔर पुलिस बिना फर्द बयान लिए वापस लौट आयी। पुलिस असमंजस की स्थिति में है जबकि आसपास भय का माहौल है।

एसडीपीओ दिलीप कुमार ने कहा कि घायल भूपेंद्र को अब थोड़ा-थोड़ा होश आ रहा है। शनिवार को फिंगरप्रिंट वाले को भेज गया था लेकिन वहां घटनास्थल पर जाने के बाद उसे कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कच्चा मकान के कारण फिंगर प्रिंट सम्भव नहीं है। एसडीपीओ ने कहा कि रविवार को भूपेंद्र का बयान ले ने के बाद उसे जेल भेज दिया जाएगा। एसडीपीओ ने कहा कि बंद कमरे में सभी लहूलुहान पाए गए जिसमे दो बच्चे की दर्दनाक मौत हुई है।

घटना के विषय मे भूपेंद्र का मुंह नहीं खोलना साबित करता है कि उसने ही घटना को अंजाम दिया है और बचने के लिये खुद घायल होने का नाटक किया है। उसकी मां के बयान से भी यह स्पष्ट है कि वहीं दोषी है। रविवार को उससे पूछताछ की जाएगी। उसके बाद उसे जेल भेज दिया जाएगा

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By न्यूज़ डेस्क

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