खगड़िया में काेसी नदी पर बन रहे पुल के लिए निर्माण सामग्री लेकर काेलकाता से आ रहा मालवाहक जहाज नवगछिया के विजय घाट पुल के पास सकुचा गांव के पास नदी में फंस गया है। कारण यह है कि वहां पीपा पुल बना हुआ है, इस कारण से मालवाहक जहाज वहां से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। बीते 15 दिनाें से वहां मालवाहक जहाज खड़ा है। अब वहां से पीपा पुल के हटने के बाद ही मालवाहक जहाज आगे जा सकेगा। इसके लिए अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के पदाधिकारी ने डीएम से मुलाकात की। इस दाैरान बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के इंजीनियर की माैजूदगी में पीपा पुल काे हटाने पर सहमति बनी। लेकिन कब तक हटेगा, अभी यह तय नहीं हाे पाया है।
हर साल बाढ़ के दाैरान पीपा पुल काे हटा लिया जाता है और फिर पानी घटने के बाद अक्टूबर में पुल बनाकर तैयार कर दिया जाता है। लेकिन इसकी जानकारी अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण काे नहीं थी। इस कारण खगड़िया में काेसी नदी पर बन रहे पुल के लिए निर्माण सामग्री लेकर मालवाहक जहाज काेलकाता से भेजा गया। लेकिन वहां आकर फंस गया। अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के पदाधिकार परवेज ने बताया कि जिला प्रशासन काे इसकी जानकारी दी गई है, जल्द ही इस दिशा में पहल हाेने की संभावना है।
10 हजार लाेगाें के लिए पीपा पुल ही है सहारा
अगर सकुचा गांव के पास काेसी नदी से पीपा पुल काे हटा दिया गया ताे वहां के किसानाें काे परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रामनगर, बिंदटोली, सकुचा, धोबीनिया, मिल्की, पुनामा और आसपास के इलाके की करीब दस हजार की आबादी के लिए पीपा पुल का ही सहारा है। इससे किसानों को खेती करने में आसानी होती है। कोसी पार हजारों एकड़ में किसानाें के खेत हैं। इसी पीपा पुल हाेकर लाेग ट्रैक्टर से अनाज ले जाते हैं। साथ ही खेती के लिए लाेग उस पुल से हाेकर जाते हैं।

डेंगी से लाेग नदी पार करेंगे इससे हादसे का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन हजार लोगों की दिनचर्या कोसी के उस पार से जुड़ी है। कोसी की दूसरी धार को पार करने के लिए किसान बाबा विशु राउत सेतु पार कर कदवा और ढोलबज्जा के रास्ते अपने खेत तक पहुंचते हैं। लेकिन अगर पीपा पुल हट गया ताे लाेग डेंगी व नाव के सहारे ही नदी पार कर पाएंगे। ऐसे में हादसे हाेने का भी खतरा बना रहेगा। इसलिए पीपा पुल हटाने के बाद तुरंत उसे बनाने की भी व्यवस्था करनी हाेगी, ताकि किसानाें काे परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

