नवगछिया । इस साल की पहली सोमवती अमावस्या आज है। इस दौरान धनिष्ठा नक्षत्र व परिध योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिश्चार्य दयानद पाण्डेय ने बताया कि रविवार को अमावस्या तिथि का आरंभ दोपहर 3:30 से शुरू हो गया। जो सोमवार को दोपहर 1:12 तक रहेगा। इस दिन माता पार्वती व भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है।
सोमवती अमावस्या का व्रत विवाहित स्त्रियां अपनी पति की लंबी आयु की कामना के लिए रखती है। इस दौरान वो व्रत रखकर पीपल के पेड़ की परिक्रमा भी करती है। उन्होंने बताया कि अन्य अमावस्या की तुलना में सोमवती अमावस्या का अधिक महत्व है। यदि किसी पर पितृ दोष है तो इस दिन स्नान दान करने से मुक्ति मिलती है।
साथ ही कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्तियों को भी इस दिन दान करना चाहिए। ऐसी मान्यताएं हैं कि सोमवती अमावस्या के दिन स्नान और दान करने से मोक्ष मार्ग की प्राप्ति होती है। साथ ही दान देने से ग्रह दोष दूर होता है। उन्होंने बताया कि मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने से लिए सोमवती अमावस्या के दिन शाम के समय इशान कोण में दीपक जलाकर रखे व बत्ती बनाने के लिए लाल रंग के धागे का इस्तेमाल करें।


