नवगछिया । भारतीय रेल द्वारा एक स्टेशन एक उत्पाद (वन स्टेशन वन प्रोडक्ट) योजना की कड़ी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत सोनपुर रेल मंडल के नौ स्टेशनों पर स्टॉल लगाया गया है। विदित हो कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्थानीय हस्तशिल्प व उद्योगों को बढ़ावा देने की पहल के तहत स्थानीय उत्पादन जैसे कि खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प उत्पाद, कलाकृतियां, हथकरघा इत्यादि क्षेत्र विशेष के विशिष्ट उत्पादों को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए रेलवे द्वारा स्टॉल प्रदान किये जा रहे हैं।
रेलवे के इस पहल से स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार का एक नया अवसर भी पैदा हो रहा है। कटिहार-बरौनी रेलखंड के नारायणपुर, बिहपुर, खरीक, नवगछिया व सेमापुर रेलवे स्टेशनों पर जिसमें लहठी एवं चूड़ी, नर्सरी प्लांट, बांस से निर्मित उत्पाद, मंसूर चक की मिट्टी के बने हुए खिलौने, मिट्टी के बने हुए उत्पाद, देसी घी, नवगछिया स्टेशन पर भागलपुरी चादर के स्टॉल खोले गए हैं। विदित हो कि कुल 48 स्टेशनों पर भी शीघ्र ही वन स्टेशन वन प्रोडक्ट के तहत स्टॉल का आवंटन किया जाएगा। स्टॉल लेने के इच्छुक व्यक्ति संबंधित स्टेशन के स्टेशन मैनेजर या वाणिज्य निरीक्षक अथवा एसएसओ से संपर्क कर आवेदन दे सकते हैं और अपने उत्पादों को दूर-दूर तक फैलाने के लिए इसका लाभ उठा सकते हैं।
रेलवे स्टेशन पर स्टाल लगाए जाने से सवोकल फॉर लोकल अभियान को भी बढ़ावा मिल रहा है। इससे हमारे स्थानीय कारीगर, कलाकार, शिल्पकार साथियों को नया बाजार मिल रहा है। विदित हो कि इस योजना के तहत स्टॉल-ट्रॉली रेलवे द्वारा बनाकर दिया जाएगा। किसी भी एक आवेदक को अधिकतम तीन महीने के लिए स्टॉल आवंटित किया जाएगा। एनएसजी 5 तथा एनएसजी 6 श्रेणी के स्टेशनों को छोड़कर बाकी स्टेशनों के लिए 15 दिनों के लिए ₹1000 का शुल्क लगता है। जो उत्पाद लगाने वाले आवेदकों को रेलवे को देना होता है। एनएसजी 5 एवं एनएसजी 6 श्रेणी के स्टेशनों पर 15 दिन के लिए शुल्क ₹500 किया जा सकता है।


