नवगछिया। नवगछिया अनुमंडल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया की दवा खिलाने के दौरान कई जगह स्कूली बच्चे बीमार हो रहे हैं। प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय पासवान टोला में फाइलेरिया की दवा खाने से लगभग 20 बच्चे बीमार हो गए। दवा खाने के बाद उल्टी, पेट दर्द, बुखार की शिकायत के बाद सभी को अनुमण्डल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बच्चों का इलाज किया जा रहा है। बच्चों के बीमार होने की सूचना पर महिलाएं आक्रोशित हो गईं और विद्यालय पहुंचकर हंगामा किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम और स्थानीय शिक्षकों से काफी नोकझोंक हुई।

नगरह के मुखिया भारत पासवान ने बताया कि दोपहर बच्चों को विद्यालय में खाना खिलाने के बाद सभी को फाइलेरिया का टैबलेट दिया गया। उसके आधा घंटा के बाद किसी को उल्टी, किसी को पेट दर्द और किसी के सिर दर्द की शिकायत होने लगी। कुछ बच्चे बेहोश हो गए जिससे गांव में अफरातफरी मच गई। बच्चों के माता-पिता विद्यालय में जमा हो गए। इसी दौरान ग्रामीणों द्वारा अस्पताल को सूचना दी गयी। अस्पताल से चिकित्सक डॉक्टर देवव्रत कुमार, एड्स काउंसलर अजय सिंह स्वास्थ्यकर्मी विकास कुमार स्वास्थ्य टीम के साथ नगरह पहुंचे। चिकित्सकों  और स्वास्थ्यकर्मी को देखते ही बच्चों के अभिभावक स्वास्थ्यकर्मियों से उलझ गए। अपने बीमार बच्चों को देखकर महिलाएं चिकित्सकों से नोकझोंक और हाथापाई करने लगीं। किसी  तरह बच्चों को अस्पताल लाया गया। अस्पताल में चिकित्सा कर रहे  डॉक्टर बी दास ने बताया कि सभी बच्चे स्वस्थ हैं। कुछ बच्चे ठीक हो गए, जिन्हें घर भेजा जा रहा है। आशा चांदनी कुमारी ने बताया कि डेढ़ बजे खाना खाने के बाद सभी बच्चों को दो-दो टेबलेट दिया गया। उसके बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी।

महिलाओं का आरोप बीमार बच्चों को भी दी जा रही है दवा

बच्चों की तबीयत खराब देखकर आक्रोशित महिलाओं ने स्वास्थ्यकर्मियों पर आरोप लगाया कि वे सभी बच्चों को कतार में खड़ा कर दवा खिला देते हैं जबकि बीमार बच्चों को दवा नहीं देनी है।

दो और विद्यालय के बच्चे दवा खाकर हुए बेहोश

फाइलेरिया की दवा खाकर प्राथमिक विद्यालय जोनिया टोला और एसपी आवास से सटे प्राथमिक विद्यालय पुनमा प्रतापनगर के बच्चे भी फाइलेरिया की दवा खाकर बेहोश हो गये थे। बीमार बच्चे गुलशन कुमार (7) पिता जवाहर यादव को भी अनुमण्डल अस्प्ताल में भर्ती कराया गया है। अस्प्ताल आने के बाद भी उसे उल्टी की शिकायत हो रही थी।

25 लीटर के जार में ओआरएस घोलकर बच्चों को पिलाया जा रहा था

बीमार बच्चों के अस्प्ताल आने पर  प्रबंधक रमन कुमार द्वारा 25 लीटर के जार में ओआरएस घोलकर पिलाया जा रहा था। इसके अलावा बच्चों की संख्या बढ़ती देखकर 50 बेड तैयार किया गया था।

कहते हैं अनुमण्डल चिकित्सा पदाधिकरी

डीएस डॉ. बी दास ने कहा कि सभी बच्चे स्वस्थ्य हैं। फाइलेरिया की दवा खाने से थोड़ा लगता है। इसका मतलब है कि दवा असर कर रहा है, कृमि मर रहे हैं। इसमें घबराना नहीं चाहिए।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *