नारायणपुर । प्रखंड के बैकंठपुर दूधैला पंचायत के अठगामा कोदरभित्ता में चूल्हे की आग ने तबाही मचा दी। जिससे 70 घर जलकर राख हो गये। घटना शनिवार की शाम लगभग चार बजे हुई। अगलगी के बाद चारों तरफ अफरातफरी मच गयी। लोगों ने जैसे-तैसे आग बुझाने की कोशिश की लेकिन हवा के कारण आग और विकराल होती गई। देखते ही देखते कई घरों को अपने आगोश में ले लिया। एक के बाद एक कर दूसरे घरों में आग पकड़ती गई। इस दौरान कई घरों के लोग दियारा में अपने खेतों में काम कर रहे थे। इसके कारण शुरू में कुछ समय तक तो कई घर ऐसे थे जहां कोई था भी नहीं। इस कारण बचाव का कोई उपाय नहीं किया जा सका।
ग्रामीण अरविंद मंडल ने बिहपुर पुलिस, बीडीओ खुशबू कुमारी व सीओ विशाल अग्रवाल को दूरभाष पर घटना की जानकारी दी। एक घंटे बाद अग्निशमन की गाड़ी नाथनगर व अकबरनगर के रास्ते पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू हुई। एक-दो घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। लेकिन तबाही का मंजर पूरे गांव में दिख रहा है। अभी क्षति का आकलन नहीं हो सका है। अधिकांश घर ऐसे हैं जिसमें कुछ नहीं बचा है। बताया जा रहा है कि गरीब परिवारों का सबकुछ उजड़ गया है। सूचना मिलने पर सांसद अजय मंडल भी तुरंत अग्नि पीड़ित गांव पहुंचे और पूरे गांव का जायजा लिया। उन्होंने वहां की स्थिति देखकर तुरंत जिलाधिकारी से संपर्क किया और वहां जेनरेटर, सामूहिक किचेन शनिवार रात से चालू करने को कहा।
बताया जा रहा है कि अंचल प्रशासन की ओर से आग पर काबू पाने के साथ ही राहत बचाव का काम तेज कर दिया गया है। तत्काल खाने-पीने का भी इंतजाम किया जा रहा है। सीओ विशाल अग्रवाल ने बताया कि राजस्व कर्मचारी अमित कुमार से पूरी जांच करवाकर सूची बनवायी जा रही है। सभी पीड़ित परिवारों को सरकारी प्रावधान के अनुसार उचित मुआवजा के रूप में मिलने वाली राशि भी खाते में भेज दी जाएगी।

सांसद बोले- पीड़ितों की पूरी मदद की जाएगी, प्रशासन से संपर्क में
सांसद अजय मंडल ने बताया कि अग्निपीड़ित इस गांव में लोगों को काफी नुकसान हुआ है। मैंने प्रशासन से बात की है और वहां हर मदद पहुंचायी जा रही है। किचेन की व्यवस्था की जा रही है। रात से ही खाना मिलेगा। कंबल, कपड़े भी आपदा प्रबंधन विभाग से दिये जाएंगे। इसके अलावा हर मदद मिलेगी। डीएम एवं अन्य अधिकारियों से संपर्क में हैं।
भौगोलिक स्थिति के कारण मदद पहुंचाने में देरी
बैकंठपुर दूधैला पंचायत के अठगामा कोदरभित्ता की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां मदद पहुंचाने में भी मशक्कत करनी पड़ती है। यह दियारा क्षेत्र है। गंगा के किनारे बसा दियारा का यह गांव तो दक्षिणी हिस्से में लेकिन प्रशासनिक नियंत्रण गंगा के उत्तरी हिस्से में नारायणपुर प्रखंड और अंचल से होता है। क्योंकि यह नारायणपुर प्रखंड का ही हिस्सा है। ऐसे में अधिकारियों को आने और यहां हर तरह की व्प्यवस्था करने में परेशानी हो रही है। नारायणपुर मुख्यालय से गांव की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। इसलिए पूरी मदद नाथनगर के रास्ते पहुंचायी जा रही है।
मंटू के घर में तीन दिन बाद थी बेटी की शादी, पूरे रुपए जल गए
नारायणपुर। कोदरभित्ता गांव के मंटू मंडल के घर में भी आग लगी है। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी तीन दिन बाद होनी थी। उसके लिए ढाई लाख रुपए घर में रखे थे जो जल गये। अब बेटी की शादी कैसे करेंगे। कहां से जिंदगी भर की कमाई की भरपाई करेंगे। परिवार के लोगों का बुरा हाल है। वहीं दिनेश मंडल ने बताया कि जमीन लिखवाने को ढाई लाख रुपए का इंतजाम किया था और घर में रखा था। पूरा पैसा जल गया है। इंदल मंडल ने 35 हजार रुपए ट्रैक्टर का किस्त देने को रखा था। पंकज मंडल खेती के लिए 20 हजार रुपये रखे थे, अर्जुन मंडल पत्नी के इलाज के लिए 25 हजार रुपये रखे थे जो जलकर राख हो गया।

