गोपालपुर : नवगछिया अनुमंडल में आजादी के पूर्व स्थापित उच्च विद्यालय का भवन खंडहर में सरकारी उदासीनता के कारण तबदील हो गया है.जिस कारण वर्षा के समय छात्रों की पढाई बाधित हो जाती है.क्योंकि सभी वर्ग कक्ष जर्रर हो गये हैं .जिस कारण हल्की बारिस होने पर छत से पानी टपकने के कारण अनहोनी की आशंका के कारण पढाई बंद कर छात्रों को शिक्षकों द्वारा घर भेज दिया जाता है.मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1941में गोपालपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित सैदपुर गाँव में उच्च विद्यालय सैदपुर की स्थापना की गई थी.
तत्कालीन विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा जो भवन बनाये गये. वह काफी जर्रर व जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुँच गये हैं.उसी जीर्णशीर्ण कमरे में छात्रों की जान को खतरे में डालकर शिक्षकों द्वारा पठन-पाठन का कार्य करवाया जाता है. परन्तु वर्षा होने पर पठन – पाठन बंद करना पडता है. हालाँकि बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा उच्च विद्यालय सैदपुर को प्रोन्नत कर इंटरस्तरीय विद्यालय का दर्जा देकर भवन निर्माण कार्य हेतु राशि आवंटित की गई.

परन्तु पिछले पाँच सालों से भवन निर्माण का कार्य आधा -अधूरा है. यहां तक कि इन्टर स्कूल के लिये शिक्षकों का पदस्थापन भी नहीं किये जाने के कारण यहाँ के बच्चे इंटर तक की पढाई से वंचित हो रहे हैं. तत्कालीन डीएम आदेश तितरमारे ने सैदपुर पंचायत के रात्रि विश्राम कार्यक्रम के दैरान वर्ष 2016 में इस विद्यालय के निरीक्षण के सिलसिले में ततकालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस विद्यालय के भवन निर्माण का निर्देश दिया था.
परन्तु इसके बावजूद भवन निर्माण की दिशा में आजतक कोई कदम नहीं उठाया जा सका. मिली जानकारी के अनुसार नवम कक्षा में अब तक 300 व दशम कक्षा में 307 छात्र नामांकित हैं. विद्यालय के छात्र राहुल कुमार, मिलन कुमार, कृष्णदेव रजक, राजीव कुमार, शिवम कुमार, रौशन कुमार, वैभव कुमार व प्रशान्त कुमार आदि ने बताया कि हमेशा छत के सर पर गिरने का खतरा बना रहता है. वर्षा पडने पर पूरा शरीर भींग जाता है. छात्रों ने यह भा बताया कि विज्ञान के शिक्षक नहीं रहने के कारण हमलोग किसी तरह विञान की पढाई कर परीक्षा देते हैं.
कहते हैं प्रधानाध्यापक
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक बासुकीनाथ मिश्रा कहते हैं कि विद्यालय के भवन जर्रर होने की लिखित सूचना कई बार वरीय पदाधिकारियों को दिया गया है.


