नवगछिया : साल 2017 में जून का महीना खत्म होते ही शादी का सीजन भी खत्म, अब चार महीने बाद ही शहनाई बज सकेगी। जानिए फिर क्या होंगी शुभ तारीखें।
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दरअसल, 4 जुलाई से अगले चार महीने के लिए मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई है। चार जुलाई को श्री हरिशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को विधि विधान से पूजन कर सुला दिया गया है। ऐसा होने के साथ ही विवाह आदि के लिए मांगलिक कार्य भी स्थगित हो गए हैं, जिसका मान 30 अक्टूबर तक बना रहेगा।

शास्त्रों के अनुसार, इस अवधि में कई शुभ कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा। जैसे देवी-देवताओं की आराधना, तपस्या, हवन, पूजन का दौर रहेगा। इससे आमजन को साधु-संतों, सत्संग व धार्मिक गतिविधियों का लाभ मिलेगा। हालांकि इस दौरान अन्य धार्मिक अनुष्ठान, सत्संग, कथाएं, पूजन और यज्ञ-पूजन के कार्यक्रम होते रहेंगे।
अजीत बाबा ने बताया कि अब 31 अक्तूबर को देवोत्थानी एकादशी पर देवता जागेंगे, पर शादी के लिए सहालग 16 नवंबर से शुरू होगी।
नवंबर : 16, 17, 19, 20, 21, 22, 23, 28 और 29
दिसंबर : 3, 4, 8, 9 और 10 दिसंबर तक लग्न रहेगी। इसके बाद शुक्रास्त होने और खरमास के चलते सहालग रुकेंगी, जो जनवरी भर रुकी रहेगी।
इस साल भले ही शुभ मुहूर्त हों, लेकिन वर्ष 2018 की जनवरी में एक भी लग्न नहीं मिलेगी। पंडित जी के मुताबिक, 14 दिसंबर से हो रहे शुक्रास्त और उसके बाद खरमास के चलते जनवरी 2018 में शादियां नहीं हो सकेंगी। महीने भर सहालग रुकी रहेगी। इसके बाद 3-4 फरवरी शुक्रोदय होगा और 7 फरवरी से विवाह आदि मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे। इस दौरान करीब 58 दिनों तक सहालग रुकी रहेंगी।

