अब मधुमेह रोगियों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें जिंदगी भर दवा खाने और इलाज पर हजारों-लाखों खर्च करने से छुटकारा मिल सकता है। पर इसके लिए उन्हें सहजन के पत्तों का नियमित सेवन करना होगा। इसमें पाए जाने वाले तत्व मधुमेह रोगियों के लिए रामवाण की तरह हैं।


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यह जानकारी स्नातकोत्तर प्राणी विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष चंद्र वर्मा के शोध से मिली है। उन्होंने बताया कि सहजन के पत्तों के सेवन से मधुमेह को नियंत्रित ही नहीं उसे हमेशा के लिए समाप्त भी किया जा सकता है।

इसकी सत्यता जांचने के लिए उन्होंने रोटी, सत्तू आदि के साथ सहजन की पत्तियों का वैज्ञानिक विधि से पाउडर बनाकर हाइ सूगर से पीड़ित सफेद चूहे को खिलाया। जिसके अविश्वसनीय परिणाम सामने आए। चूहे का मधुमेह 28 दिनों में नियंत्रित हो गया। कोलकाता के बोस इंस्टीच्यूट ने भी वर्मा और उनकी शोध छात्रा सह टीएनबी कॉलेज की बायोटेक्नोलॉजी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. नवोदिता प्रियदर्शनी के शोध को सही ठहराया है।

कैसे किया गया शोध

प्रो. वर्मा ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने प्रयोगशाला में चूहे को एलेक्जन मोनोहाइट्रेट नामक सूई देकर डायबिटीक बनाया। इसके 48 घंटे बाद उसका शूगर लेवल 120 से बढ़कर 150 और धीरे-धीरे 350 तक पहुंच गया। इसके प्रभाव से चूहे के आंख सफेद हो गए, शरीर पर घाव होने लगे, पैर फूल गए और उसकी पूंछ कट गई। वह मरनासन्न हो गया। इसके बाद चूहे को सत्तू, पालक, रोटी आदि के साथ निर्धारित मात्रा में सहजन के पत्ते का पाउडर खिलाया गया। इसका अद्भुत प्रभाव सक्त सरकरा (बल्ड शूगर) पर पड़ा। सात दिन बाद ही शूगर लेवल घटने लगा। 15वें दिन शूगर लेवल घटकर 180 और 28वें दिन नार्मल यानी 120 तक पहुंच गया। यही नहीं चूहे के शूगर के लक्षण भी समाप्त हो गए।

सहजन, पत्ता और जड़ तीनों फायदेमंद

प्रो. वर्मा ने बताया कि मधुमेह की रोकथाम के लिए सहजन, उसके पत्ते और जड़ तीनों ही फायदेमंद हैं। पत्ता आसानी से उपलब्ध है। इसमें विटामिन ए, सी के अलावा कैल्शियम, आयरन, पोटाशियम और एंटी ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। सहजन के कोमल पत्तों को तोड़कर साग-सब्जी बनाकर, दाल में डालकर खाया जा सकता है। या फिर कोमल पत्तों को तोड़कर धूप में सुखाकर उसका डस्ट बनाकर उपयोग किया जा सकता है। क्यों होता है मधुमेह

मधुमेह महामारी का रूप ले चुका है। यह आरामदायक जीवन शैली, खानपान, तनाव आदि के कारण होता है। मधुमेह से नुकसान

प्रजनन क्षमता घटाता है। दुबला कर देता है। भूख कम लगती है। कोलेस्ट्रोल बढ़ जाता है। सहजन की खासियत

– सहजन के पत्ते में प्रचुर मात्रा पाया जाता है प्रोटीन, आयरन, विटामिन ए और सी। हाइलाइटर्स :-

– 28 दिनों तक सहजन के पत्ते के नियमित सेवन से 350 से घटकर 120 पर पहुंच गया शूगर लेवल

– सहजन मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण है। इसके पत्ते सालों भर मिलते हैं। इसके सेवन से मधुमेह नियंत्रित रहता है।

By न्यूज़ डेस्क

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