खरीक/नवगछिया। खरीक प्रखंड की राघोपुर पंचायत के अलालपुर गांव में गंगा नदी के कटाव से प्रभावित परिवारों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घर और जमीन गंगा में समाने से परेशान ग्रामीणों ने सरपंच प्रमोद जी के नेतृत्व में पथ निर्माण मंत्री का पुतला फूंककर विरोध जताया। ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से कटाव की समस्या पर जल्द कार्रवाई करने तथा बेघर परिवारों के पुनर्वास की मांग की।
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गंगा में समा गए घर और जमीन, परिवारों के सामने संकट
ग्रामीणों का कहना है कि गंगा नदी के कटाव से कई परिवारों के घर और जमीन नदी में समा गए हैं। स्थिति ऐसी रही कि कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान तक नहीं निकाल पाए। अचानक आशियाना उजड़ने से प्रभावित परिवारों के सामने रहने और आजीविका चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

सुरक्षित जमीन और तत्काल राहत की मांग
पुतला दहन के दौरान ग्रामीणों ने मांग की कि कटाव पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बेघर हुए लोगों को तत्काल राहत सामग्री और रहने की उचित व्यवस्था दी जाए, ताकि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ सुरक्षित जीवन बिता सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि कटाव की मार झेल रहे परिवारों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर राहत और पुनर्वास की व्यवस्था चाहिए।
ग्रामीणों का सवाल- बच्चों को लेकर कहां जाएं?
गंगा में घर बह जाने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल रहने की जगह का है। ग्रामीणों ने सरकार से पूछा कि जिन लोगों का सबकुछ नदी में समा गया, वे अपने बच्चों को लेकर आखिर कहां जाएं?
ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनके विरोध और मांगों की आवाज सरकार तक पहुंचेगी तथा संबंधित विभाग जल्द आवश्यक कदम उठाएगा। अब देखना होगा कि कटाव पीड़ित परिवारों को राहत और पुनर्वास दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
