गोपालपुर : अन्यत्र हत्या कर शवों को ठिकाने लगाने का सेफ जोन बना नवगछिया का इलाका.नवगछिया पुलिस के दामन में अपराध का दाग धुलने की बजाय और गहराता जा रहा है.पिछले कई वर्षों में यहाँ रेल पटरियों, सडक के किनारे व खेतों -बगीचों में दर्जनों शव मिल चुके हैं. लेकिन इन शवों की पहचान नवगछिया की पुलिस नहीं कर सकी. इनमें से अधिकांश शव महिलाओं के होने की जानकारी है. चाहे प्रेम प्रसंग के कारण ऑनर कीलिंग का मामला हो या अन्य कारण महिलाओं की सिर कटी लाश मिलने के कारण आम जन खासकर महिलायें काफी डरी व सहमी हुई रहती हैं. जिस कारण महिलायें देर शाम को घरों से निकलने में कतराने लगी हैं.
वहीं नवगछिया पुलिस की सुस्ती का लाभ उठाकर सीमावर्त्ती जिलों के अपराधी हत्या कर शवों को नवगछिया के इलाके सडक ,खेत -बगीचा आदि स्थानों पर आराम से फेंक कर चलते बनते हैं .इन शवों की पहचान नहीं होने के कारण पुलिस इसे ठंढे बस्ते में डाल देती है. पकरा के निकट आम के बगीचे से महिला की सिर कटी लाश मिलने से समूचे इलाके में सनसनी फैल गई थी. लेकिन आज तक शव की पहचान नहीं हो सकी.

जमुनिया में भी अक्टूबर महीने में अञात महिला की सिर कटी लाश बरामद किया गया था.16 अप्रैल को इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के. विनोवा बहियार में मकई के खेत से एक अधेड वयक्ति का शव बरामद हुआ था .पहचान छिपाने के लिये अपराधियों ने मुँह को धारदार हथियार से विकृत कर दिया था. मई महीने में पुलिस लाइन नवगछिया में भी एक अञात युवक का शव बरामद हुआ था. जिसका चेहरा भी विकृत कर दिया गया था. इस तरह के अनेकों शव जिसमें महिलाओं की सर्वाधिक संख्या है. कटरिया रेलवे स्टेशन, नवगछिया केबिन के निकट आदि जगहों पर शव बरामद हुए हैं.


