नवगछिया : कोसी नदी में नेपाल द्वारा 168000 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज होने से कोसी नदी में उफान आ गई है. उपनाई कोसी तटीय सीमाओं को पारकर ऊपरी इलाकों की ओर बढ़ने लगी है. कोसी नदी के जल स्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने से कटाव का रफ्तार तेज हो गया है. नदी का जलस्तर बढ़ने का यही सिलसिला लगातार जारी रहा तो बहुत जल्द ही कोसी नदी तटीय इलाकों के मैदानी क्षेत्रों को अपने आगोश में समा लेगा. जल स्तर बढ़ने से लोकमानपुर पूर्वी टोला, सिहकुंड जलेबिया मोड़ के समीप कोसी तटीय इलाकों में भीषण कटाव शुरू हो गया है. लगातार हो रहे कटाव से तटीय इलाकों में बसे तकरीबन 1 दर्जन से अधिक लोगों का घर कोसी में समा गया है. जिन लोगों का घर कोसी कटाव में ध्वस्त होकर कोसी नदी में समा गया.मुसो रॉय, धीरो मंडल, कपिल मंडल ,शम्भू राय, विजय चंद्रदेव बबलू राय समेत एक दर्जन से अधिक लोगों का घर अब तक कोसी में समा गया हैं. कई लोगों का बासा कोशी में समा गया है. लोग कातर नेत्रों से कोसी मैया को देख रहे हैं. बरसों से खून पसीना एक कर लोगों ने आशियाने बनाए. अब वह घर कोसी में समाने लगा है. लोगों को समझ में नहीं आ रहा है अब इस विपत्ति की घड़ी में क्या करें ,समझ में नही आता.किसानों की उपजाऊ जमीन ध्वस्त होकर कोसी में समा रहा है. जो पहले किसान हुआ करते थे कटाव की चपेट में आने से अब वह किसान मजदूर बन गए हैं. रोजाना किसानों की उपजाऊ जमीन कोसी के गर्भ में समाता जा रहा है.
किसानों की उपजाऊ और लहलहाती फसल लगी जमीन कोसी में समाने से किसान आर्थिक तंगीऔर बदहाली से जूझ रहे है. रोजाना कटाव का दायरा बढ़ता ही जा रहा है. कटाव का दायरा बढ़ने से गांव के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे है. कई कटाव पीड़ित लोग कटाव की विभीषिका को देखते हुए पलायन करने लगे है .लोगों को लगने लगा है कि अब उसका घरबार सब कुछ कोसी में समा जाएगा. लोग अपने घरों को बचाने के लिए पहले ही घर खाली करने लगे. लोकमनपुर जलेविया मोड़ निवासी बबलू राय मंगलवार को अपना घर तोड़ कर हटा लिया. कटाव के दहशत से लोग जरूरी समान घर से निकाल कर दूसरे सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने लगे है. लोग सुरक्षित जगहों की ओर पलायन करने लगे है. स्थिति भयावह हो गई है. खासकर लोकमानपुर पंचायत का सिंहकुंड जलेबिया मोड़ और लोकमानपुर पंचायत के पूर्वी इलाके में कटाव का भीषण तांडव जारी है.

चोरहर और मैरचा हो रहा है भीषण कटाव
खरीक के चोरहर के समीप कोसी नदी धारा बदल ली है. धारा परिवर्तित होने से चोरहर और मैरचा के समीप भीषण कटाव शुरू हो गया है. कटाव का दायरा पूर्व रतनपुरा की ओर बढ़ता जा रहा है. बीते 1 सप्ताह से हो रहे लगातार कटाव से मैरचा के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. वही चोरहर के समीप भीषण कटाव होने से तटीय इलाकों में संभावित बाढ़ की संभावना प्रबल हो गई है. बोल्डर पिचिंग के समीप हो रहे भीषण कटाव को यदि अविलंब नहीं रोका गया तो कभी भी चोरहर चौक के समीप सड़क और तटबंध दोनों ध्वस्त हो जाएगा. कोसी नदी की जलधारा दक्षिण होकर पिपरपाती से भी दक्षिण होकर गुजरने लगेगी. नतीजा भयावह होगा. खरीक रेलवे लाइन से उत्तर का पूरा इलाका जलमग्न हो जाएगा. मचेगी भीषण तबाही बाढ़ आने से अरबों की केले की फसल हो बर्बाद हो जाएगी. अरबों रुपए की लागत से किसानों ने सैकड़ों एकड़ में केले की खेती की है. शौहर के समीप हो रहे कोसी कटाव को अविलंब नहीं रोका गया तो कभी भी तटबंध ध्वस्त हो जाएगा. चोरहर तटबंध ध्वस्त होने से बाढ़ का पानी चोरहर समेत ढोढ़िया पंचायत के समीपवर्ती इलाकों और खरीक रेलवे स्टेशन औरएनएच 31 के दक्षिणी इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाएगा. जिससे भीषण तबाही मचेगी. ऐसे इलाके बाढ़ से प्रभावित होंगे जहां बाढ़ का पानी पहले नहीं आता था. भीषण तबाही मचेगी.
क्या कहते है अधिकारी
खरीक अंचलाधिकारी निलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि लोकमानपुर भवनपुरा का मैरचा को को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. कटाव को नियंत्रित करने के लिए जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता को त्राहिमाम संदेश भेजा गया है .इस संदर्भ में कटाव रोकने के लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किया गया है.
कटाव नहीं रोका गया तो पार्षद करेंगे आंदोलन
खरीक उत्तरी जिला पार्षद गौरव राय ने कहा अगर जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता लोकमानपुर सिहकुंड मैरचा और चोरहर में हो रहे भीषण कटाव को अभिलंब नियंत्रित नहीं करेंगे तो हम लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे. कोसी नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है लोगों का घर कट रहा है लोग बेघर हो रहे हैं चोरहर के समीप भी कटाव हो रहा है चोरहट तटबंध के अस्तित्व पर संकट है जल संसाधन विभाग कुंभकरण की निद्रा सो रही है कोसी प्रलय करने लगी है विभाग बेखबर है कोसी तटीय पंचायत की जनता की समस्या को लेकर मैंने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता से बात किया है उनहोने आश्वासन दिया है कि चोरहर समेत अन्य प्रभावित जगहों पर अलग फाइटिंग का काम किया जाएगा इन जगहों पर काम शुरू करने के लिए स्वीकृति आदेश हेतु मुख्य अभियंता को भेजा गया वही पार्षद का कहना है बाढ़ सामने है और विभाग फ्लड फाइटिंग के लिए स्वीकृति आदेश ले रही है. जल संसाधन विभाग का रवैया जनता के सुरक्षा हितों के विरुद्ध है . इस संदर्भ में जिलाधिकारी से बात हुई है जल संसाधन मंत्री से बात कर उक्त प्रभावित जगहों पर अभिलंब बचाव कार्य शुरू कराया जाएगा.
बाबा विशु राउत पुल पर खतरा
नवगछिया के समीप कोसी नदी विकराल रुप धारण कर ली है. कदवा के समीप विशु राउत पुल का पाया नंबर एक के समीप गाइड बांध के पूरब और पश्चिम दोनों ओर भी कटाव शुरू हो गया है .गाइड बांध ध्वस्त होने की स्थिति में भीषण तबाही मचेगी. पाया नंबर 1 के समीप हो रहे भीषण कटाव से बाबा बिशु राउत सेतु के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं .ग्रामीण लखनलाल हितेश मो. आबिद सुबोध मंडल ,मोहन मंडल ,कारू मंडल भगवान सिंह समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि कटाव का सिलसिला लगातार जारी रहा बहुत जल्द ही कोसी प्रलय की स्थिति उतपन्न हो जाएगी. विभाग को कटाव प्रभावित स्थलों पर अविलम्ब फ्लड फाइटिंग का काम शुरु कर देना चाहिए. कटाव को रोकने के लिए अविलंब पहल करने की जरूरत है.


