★ मॉडल स्टेशन निमार्ण के तहत प्लेटफार्म नंबर दो के लिये बनाया गया था भवन
★ भवन का उपयोग नहीं होने के कारण कुछ लोगों ने अस्थाई रूप से डाला डेरा, लोगों के बैठने की जगह पर विराजमान हो गए हैं देवी देवता
★ तीन टिकट काउंटरों पर नहीं बैठते हैं कर्मी, कुर्सियों और मेज पर जम गई है धूल की मोटी परत
नवगछिया : एक तरफ आए दिन नवगछिया रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के आभाव में यात्रियों को परेशान होना पड़ता है तो दूसरी तरफ नवगछिया स्टेशन को आदर्श स्टेशन बनाने के क्रम में प्लेटफार्म नंबर 2 के लिए बनाए गए करोड़ों की लागत के भवन में सिर्फ डे एंड यूज़ शौचालय का संचालन हो रहा है. बताना जरूरी है कि नवगछिया स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर सेट नहीं है यात्री बरसात के दिनों में भीगते हुए, गर्मी के मौसम में तेज धूप में तपते हुए सर्दी के दिनों में ठिठुरते हुए ट्रेन पकड़ते हैं. इतना ही नहीं रेलवे स्टेशन आने के लिए संपर्क पथ से लेकर प्लेटफार्म संख्या एक पर वे कई तरह की यात्री सुविधाओं का अभाव है. ऐसी स्थिति में करोड़ों रुपए का भवन सिर्फ दिखावे की वस्तु बन जाना चिंतनीय जरूर है.
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करोड़ों की लागत से बने भवन का यह हस्र है
करोड़ों की लागत से बने इस भवन में आरक्षित और अनारक्षित टिकटों के चार काउंटर बने हुए हैं. आरक्षित अनारक्षित टिकट कार्यालय भी है. एक साथ करीब डेढ़ सौ लोगों के बैठने व 500 लोगों के एक साथ खड़े रहने की क्या व्यवस्था है. साथ ही यहां पर महिला पुरुष शौचालय के अलावा नहाने की भी व्यवस्था है. टिकट काउंटर की कुर्सियां और मेज पर धूल की परतें जमी हुई है. टिकट कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ा हुआ है. लंबे समय से यह कार्यालय खुला नहीं है. कुछ लोगों ने यहां हाल में अपना अस्थाई डेरा जमा लिया है.

लोगों के बैठने की जगह पर देवी देवता विराजमान हो गए हैं. एक जगह पर बैठने की जगह को पूजा घर या अस्थाई मंदिर का शब्द लिख दिया गया है. लोगों से पूछने पर पता चला तो लोगों ने कहा कि यहां रोज पूजा पाठ भी किया जाता है. बिजली और पानी से सुसज्जित इस भवन में सिर्फ पे एंड यूज़ शौचालय ही चलाया जा रहा है. पूरे भवन को देखने से ही पता चलता है कि यहां पर अरसे से साफ-सफाई तक नहीं की गई है. स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि रेलवे की तरफ तरफ से यहां किसी तरह की व्यवस्था नहीं रहने के कारण देर शाम होते ही यह पूरी तरह से सुना हो जाता है और यहां पर असामाजिक तत्वों की जुटानी हो जाती है.

नवगछिया क्या स्थानीय व आजाद हिंद मोर्चा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि रेलवे ने लापरवाही पूर्वक आदर्श स्टेशन बनाने के क्रम में इस भवन का निर्माण कराया था. लेकिन निर्माण के बाद ही है रेल प्रशासन की उपेक्षा का शिकार हो गया और अब यहां ना तो रेलकर्मी बैठते हैं और ना ही कोई यात्री यहां आते हैं. अगर रेलकर्मी यहां पर नियमित सेवा देंगे तो निश्चित रूप से इस भवन को उपयोग में लाया जा सकेगा.

और भी कई तरह की है समस्याएं लेकिन किसी का ध्यान नहीं
नवगछिया राष्ट्रीय राजमार्ग से एस पी कोठी होते हुए नवगछिया स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो और एक पर पहुंचने वाली दोनों सड़कें जर्जर स्थिति में है. करीब 6 माह पूर्व रेल राज्यमंत्री के कार्यक्रम में उक्त सड़क का जल्द निर्माण प्रारंभ करने की बात कही गई थी लेकिन अब तक धरातल पर किसी प्रकार का कार्य नहीं हो पाया है. जर्जर सड़क रहने के कारण खासकर पश्चिम केबिन के पास रोज वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. स्थानीय लोगों ने इस मामले को नवगछिया अनुमंडल पदाधिकारी तक ले गए थे. रेल पदाधिकारी सड़क क्यों नहीं बना रहे हैं यह मामला अनुमंडल पदाधिकारी के नयायालय में विचाराधीन है.
माल गोदाम से 200 मीटर दूर है पार्सल कार्यालय
नवगछिया स्टेशन मालगोदाम के पास भवन पूरी तरह से बनकर तैयार है और इस भवन में कार्य भी शुरू कर दिया गया है. लेकिन पार्सल कार्यालय अभी भी नवगछिया स्टेशन पर है. इस कारण खासकर व्यवसाई वर्ग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. माल गोदाम से पार्सल कार्यालय 200 मीटर दूर रहने के कारण कई तरह की तकनीकी समस्याएं आती हैं जिससे रोज यहां के लोगों को रूबरू होना पड़ता है.
कहते हैं अधिकारी
सोनपुर रेल मंडल के डीआरएम अतुल सिन्हा ने बताया कि वह जल्द ही मामले को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे.
