भागलपुर में स्वामी विवेकानंद जहाज पर यात्रियों का हंगामा, शाम 5 बजे के बाद परिचालन बंद होने पर भड़का गुस्सा
भागलपुर। गंगा नदी में जहाज परिचालन के निर्धारित समय को लेकर गुरुवार शाम स्वामी विवेकानंद जहाज पर यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। शाम करीब पांच बजे जहाज पकड़ने के लिए पहुंचे 20 से 25 यात्रियों को जब बताया गया कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के कारण अब जहाज नहीं खुलेगा, तो वे आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कुछ यात्रियों ने जहाज के पायलट को धमकी देने के साथ जहाज के अंदर हंगामा और तोड़फोड़ की कोशिश की।
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शाम पांच बजे के बाद जहाज चलाने से किया इनकार
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब पांच बजे कई यात्री गंगा घाट पर पहुंचे थे। स्वामी विवेकानंद जहाज के पायलट शकील ने निर्धारित समय सीमा का हवाला देते हुए जहाज खोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद यात्रियों ने विरोध शुरू कर दिया।
बताया गया कि हंगामे में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल थे। कुछ आक्रोशित यात्री जहाज के भीतर पहुंच गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

जहाज परिचालन से जुड़े सुरक्षा नियमों के अनुसार, अंधेरा होने के बाद नदी में आवाजाही जोखिमपूर्ण हो सकती है। ऐसे में निर्धारित समय के बाद जहाज नहीं खोलने का फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया था।
पायलट की सूचना पर पहुंची पुलिस
स्थिति बिगड़ती देख पायलट शकील ने स्थानीय अस्थायी थाना को सूचना दी। इसके बाद पुलिस बल और मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट जिला खेल पदाधिकारी शमीम अंसारी वहां पहुंचे।
मजिस्ट्रेट ने यात्रियों को समझाया कि निर्धारित समय सीमा के बाद जहाज चलाना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि गंगा की धारा और अंधेरे के बीच परिचालन करने से यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कुछ युवकों को हिरासत में लेकर दी गई चेतावनी
हंगामे के दौरान स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लिया। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद युवकों को भविष्य में इस तरह का हंगामा नहीं करने और सरकारी कार्य में बाधा नहीं डालने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों जरूरी
इस घटना ने जहाज परिचालन के समय और यात्रियों को समय पर जानकारी देने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। सुरक्षा के लिए निर्धारित समय का पालन जरूरी है, वहीं यात्रियों को भी परिचालन बंद होने की जानकारी पहले से मिलनी चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
फिलहाल प्रशासन की पहल से मौके पर स्थिति सामान्य हो गई। घटना के बाद जहाज परिचालन के निर्धारित समय की स्पष्ट जानकारी घाट पर प्रदर्शित करने और यात्रियों को पहले से सूचित करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
