“हिन्दू के लिए जान हाजिर है : छात्र नेता पुष्पराज”
नारायणपुर: जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत श्रीदशरथ व्यायामशाला के सौजन्य से जुलूस रैली के साथ श्रीराम के भक्त हनुमान की प्रतिमा के साथ भी थे।

नव प्रतिमा स्थापित के उपलक्ष्य पर हरेक वर्षो से जुलुश पूरे शहर भ्रमण करते है। यह जुलूस व्यायामशाला के विश्वनाथ पोद्दार, जिला परिषद सदस्य उषा मिश्रा व शिव प्राण मैटी मिशन ऑफ इंडिया के सचिव सह मैटी इलेक्ट्रो होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुभाष कुमार विद्यार्थी की संयुक्त में अगुवाई की गयी। जुलुश में पूरा हिंदुस्तान हमारा है मंदिर वही बनायेगे, मातृ भूमि की रक्षा करने हम तलवार उठाएंगे, सारे मिलकर बोलो जयश्री राम जय, हर घर भगुआ छायेगा राम राज फिर आएगा, हर-हर महादेव का नारा सारा हिंदुस्तान बोलेगा, टोपी वाला सर झुका के जय श्री राम बोलेगा आदि नारो के साथ पूरा नारायणपुर गूंज उठा। वही हर तरफ भगुआ ध्वज लहराते हुए दिखाई दिया। जुलुश में श्रीराम के भक्त हनुमान का स्वरूप धारण कर उछल उछल कर मनमोहित का कार्य कर रहे थे। जगह जगह पर कई बुजुर्गो ने करतब दिखाने में कोई कसर नही छोड़ी तो भला युवक कैसे छूटते, अपने प्रदर्शन से वही कई तालियां बटोरी तो कईयो को पुरुस्कार से सम्मानित भी किया गया।
मौके पर मौजूद छात्र लोजपा के नगर अध्यक्ष सह सृष्टि डेवलपमेंट फाउंडेशन के सचिव पुष्पराज कुमार ने कहा कि अगर हिन्दू के लिए जान मांगी जाय तो जान हाजिर होगी। हमारा लक्ष्य राम राज्य को लौटना है। जुलूस व्यायामशाला से निकल कर मधुरापुर, बलाहा, बिरबन्ना होते हुए पुनः मधुरापुर के बापुद्वार चौक पर समाप्ति हुई। समाप्ति के उपरांत कई पहलवानो के द्वारा अपनी करतव दिखा कर उपस्थितो का मनमोह लिया।
रैली के अगुवाई कर रहे डॉ सुभाष कुमार विद्यार्थी ने कहा श्रीराम भगवान के राम के नौ दिन पूरे होने पर बड़े जोश के साथ हिन्दुओ को जागरूक करने के लिए श्रीदशरथ व्यायामशाला के द्वारा जुलुश व शस्त्र कला आखाड़ का आयोजन किया जाता है। अखाड़ा देर रात नौ बजे तक चलेगा, दूर दराज से आये पहलवालो के द्वारा अपनी कला पेश करेंगे। जुलूस को सफल बनाने में सदय कुमार, मिथलेश कुमार, प्रह्लाद कुमार, राजीव कुमार सहनी, सौरव कुमार शशि, सोनू कुमार पंडित, सागर कुमार, सुमन कुमार, सुभाष कुमार, प्रसेनजित कुमार, पुष्कर कुमार, राहुल कुमार, रवि कुमार, रौशन कुमार, पंकज गुप्ता, रंकज गुप्ता, सुमित यादव, राजीव कुमार आदि अहम भूमिका रही। मंच का संचालन रविकांत शास्त्री ने किया।


