बिहार की धरती पर एक से बढ़कर एक प्रतिभावान लोग हैं। अपनी मेहनत और काबिलियत से इन्होंने हमेशा देश और समाज का नाम रौशन किया है। ऐसी ही एक बेटी है बेगूसराय की रूपाली झा ने।
मूक-बधिर रूपाली झा बेगूसराय जिला मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सूजा गांव निवासी अनिल झा की पुत्री है। रूपाली झा ने 14-24 मार्च तक आस्ट्रेलिया में आयोजित स्पेशल ओलंपिक विंटर गेम्स के फ्लोर हॉकी में अपने खेल का शानदार प्रदर्शन दिखाया। प्रतियोगिता में भारत की महिला टीम ने रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत ही नहीं बल्कि बेगूसराय को भी गौरवान्वित किया है।
टीम का हुआ भव्य स्वागत
14 से 24 मार्च तक आयोजित इस स्पेशल ओलंपिक विंटर गेम्स के फ्लोर हॉकी में ब्राउंज मेडल जीतने के बाद 25 को भारत लौटने पर एयरपोर्ट पर ही बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों व खेल मंत्रालय के अधिकारियों ने टीम का स्वागत किया और जीत की बधाई दी। केंद्रीय खेल मंत्री ने भी इस टीम को बधाई दी।

रूपाली के गांव में परिजन व ग्रामीणों ने दी बधाई
गांव की एक दिव्यांग बेटी की इस सफलता पर परिजनों के अलावा सभी गांव वासियों में प्रसन्नता व्याप्त है। रूपाली इस समय अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती है। गांव में मौजूद चाचा श्याम सुन्दर झा, चाची कामनी देवी के पास रूपाली की इस सफलता पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। वहां मौजूद बड़ी संख्या में लोगों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। चाचा श्याम सुन्दर झा ने कहा कि रूपाली अपने परिवार के आठ चचेरे भाइयों में इकलैती बहन है।
रूपाली बनी प्रेरणा
रूपाली अपनी प्रतिभा से दूसरे दिव्यांगों के लिए भी प्रेरणा श्रोत बन गईं हैं। शिक्षिका चाची कामनी कुमारी ने कहा कि रूपाली ने जो सफलता हासिल की वह सभी को नसीब नहीं हो पाता है। चाची की मानें तो रूपाली पहले भी स्थानीय व राज्य स्तरीय कई मेडल जीत चुकी हैं।

