मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य कैबिनेट की विशेष बैठक में लड़कियों के उत्थान के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया। सरकारी या अनुदानित स्कूल-कॉलेज की इंटर पास सभी अविवाहित लड़कियों को दस हजार और स्नातक पास करने पर सभी लड़कियों (विवाहित-अविवाहित दोनों) को 25 हजार राज्य सरकार देगी। इसी वित्तीय वर्ष 2018 अप्रैल से ही यह लागू होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना को कैबिनेट ने स्वीकृति दी। इस योजना के तहत राज्य की 1.60 करोड़ लड़कियों पर हर साल 2,221 करोड़ खर्च होंगे। कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। एक परिवार के दो बच्चों तक इसका लाभ मिलेगा। इस प्रकार जन्म से स्नातक तक एक लड़की को 54,100 मिलेगा।


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कैबिनेट का फैसला: 1.60 करोड़ लड़कियों पर हर साल 2221 करोड़ खर्च होंगे

पोशाक की राशि बढ़ी : मुख्यमंत्री पोशाक योजना के तहत कक्षा एक से 12 वीं तक की छात्राओं को दी जानेवाली सालाना राशि में भी 200 से 500 तक की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को पोशाक के लिए हर साल 250 की जगह 400 मिलेंगे। कक्षा सात से 12वीं तक की छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन के लिए मिलने वाली सालाना राशि 150 को बढ़ा कर 300 कर दी गई है। यह भी निर्णय हुआ है कि आईसीडीएस और पेंशन स्कीम के तहत केंद्र से मिलने वाली राशि के प्रत्याशा में राज्य सरकार अतिरिक्त राशि देगी। ताकि इन योजनाओं का लाभ दिलाने में देरी नहीं हो।

कन्या जन्म पर अब पांच हजार : मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा कन्या के जन्म पर माता-पिता-अभिभावक के बैंक खाते में दो हजार देने का प्रावधान पहले से है। अब कन्या के एक साल पूरा होने पर तथा आधार पंजीयन कराने पर एक हजार और मिलेंगे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो वर्ष की आयु होने पर बालिका के माता-पिता-अभिभावक के खाते में दो हजार और दिये जाएंगे। इस प्रकार इन्हें दो की जगह पांच हजार मिलेंगे।

तेजाब पीड़ितों को राहत : मुख्यमंत्री सामाजिक सहायता और प्रोत्साहन योजनाओं के तहत बिहार नि:शक्ता पेंशन योजना में तेजाब पीड़ितों को राहत दी गई है। वैसे तेजाब पीड़ित जो बिहार के निवासी हैं या हमला बिहार में हुआ हो को पेंशन देने के लिए दिव्यांगता की न्यूनतम अर्हता 40 फीसदी की शर्त को समाप्त कर दिया गया है। अर्थात् मामूली दिव्यांगता पर भी अब पेंशन देय होगा। इन्हें 400 रुपये प्रति महीने पेंशन दी जाती है। मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के अभियान को और तेज करने के मकसद से उक्त योजनाएं शुरू की गई हैं।

By न्यूज़ डेस्क

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