नवगछिया/बिहपुर: बिहपुर प्रखंड के इंटर स्तरीय बापू उच्च विद्यालय, दयालपुर में कार्यरत शिक्षक को शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षक पर विद्यालय की एक छात्रा को बहला-फुसलाकर पहले भागलपुर और फिर कोलकाता ले जाने का आरोप था। साथ ही छात्रा के साथ उनका कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने का मामला भी सामने आया था। विभागीय जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
ग्रामीणों के विरोध के बाद शुरू हुई जांच
मामला सामने आने के बाद विद्यालय के पोषक क्षेत्र में अभिभावकों और ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश फैल गया था। लोगों ने विद्यालय के शैक्षणिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कहते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ), बिहपुर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच के दौरान ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय से जुड़े लोगों से जानकारी एकत्र की गई। बीईओ की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के साथ घटना को विद्यालय की गरिमा और शैक्षणिक वातावरण के लिए नुकसानदायक बताया गया।

विद्यार्थियों और अभिभावकों में गया गलत संदेश
जांच रिपोर्ट के अनुसार इस घटना से विद्यालय की छवि प्रभावित हुई है। विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच गलत संदेश गया, जिससे शिक्षण व्यवस्था और अनुशासन पर भी असर पड़ा। घटना के बाद विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार चर्चा का माहौल बना रहा।
स्पष्टीकरण नहीं बचा सका नौकरी
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा था। शिक्षक द्वारा दिए गए जवाब को अधिकारियों ने साक्ष्यविहीन और असंतोषजनक माना।
इसके बाद बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) संशोधन नियमावली-2024 के तहत उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया।
रंगरा चौक में रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, रंगरा चौक निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वहन भत्ता दिया जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जल्द ही आरोप पत्र गठित कर नियमित विभागीय जांच शुरू की जाएगी।
शिक्षा विभाग का सख्त संदेश
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने कहा कि शिक्षकीय मर्यादा के विपरीत आचरण, विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने तथा विभाग की छवि धूमिल करने वाले मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

