पटना : बिहार के लखीसराय में एक ऐसा मंदिर है जहां दहेज लेना पाप समझा जाता है। इसीलिए इस मंदिर में शादी करने वाले दहेज नहीं लेते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस साल वर्ष 2017 में समाज से दहेज की प्रथा से मुक्त करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि दहेजवाली शादी का लोग बहिष्कार करें। ऐसी शादी में शामिल न हों।
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लेकिन बिहार का एक मंदिर ऐसा भी है जहां पिछले 9 वर्षों से दहेजमुक्त विवाह समारोह का आयोजन हो रहा है। यहां शादी करने वाले समाज को एक नया संदेश दे रहे हैं। यह मंदिर है लखीसराय जिले में स्थित अशोकधाम मंदिर। अशोकधाम मंदिर परिसर में हर वर्ष की तरह इस बार भी रविवार को दहेज मुक्त विवाह समारोह का आयोजन किया गया है। श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव ट्रस्ट द्वारा विगत नौ वर्षों से यह कार्य किया जा रहा है।
इसके तहत बगैर दहेज लड़कियों का सामूहिक विवाह कराकर समाज के कमजोर लोगों को न सिर्फ मदद पहुंचाया जा रहा है बल्कि यह दहेज उन्मूलन की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
इस मंदिर में अबतक 358 गरीब परिवार की बेटियों की शादी ट्रस्ट द्वारा कराई जा चुकी है। इस बार 30 अप्रैल को मंदिर स्थित संस्कार भवन में 32 जोड़े को सामूहिक रूप से विवाह बंधन में बंधा जाएगा।
