ढोलबज्जा : ग्रामीण स्तर से विभिन्न विद्यालयों के मिल रहे शिकायत के बाबत सोमवार के दिन ग्रामीणों के एक दल ने नवगछिया के कोसी पार कदवा के विद्यालय पहुंचा तो, वहां टोला सेवकों में काफी अनियमितता देखने को मिली. जहां देखा गया कि मध्य विद्यालय कदवा थान में करीब 8:15 बजे ताला बंद था. वहां ना तो कोई टोला सेवक ना ही कोई बच्चे लोग उपस्थित थे. यही हाल करीब 9:00 बजे प्राथमिक विद्यालय बोरवा टोला (पूर्वी) व 9:15 बजे गोला टोला कदवा का था.
जब 8:45 बजे बेलसंडी व 9:50 बजे प्राथमिक विद्यालय खैरपुर कदवा पहुंचा तो वह एक भी बच्चे देखने को नहीं मिले, सिर्फ टोला सेवक उपस्थित थे. मालूम हो कि विद्यालय में ग्रीष्मावकाश की छुट्टी मिलने के बाद सभी टोला सेवकों एवं तालिमी मरकज को विद्यालय पहुंच कर 8:00 से 10:00 बजे तक कोचिंग चलाने का आदेश प्राप्त है.
जिसके लिए सरकार राज्य में टोला सेवक एवं तालिमी मरकज के शिक्षा स्वयंसेवियों के मानदेय के भुगतान के लिए करीब एक अरब बासठ करोड़ रुपए की राशि भी जारी कर चुके हैं. यह राशि चालू वित्तीय वर्ष 2017 18 के लिए है। साक्षरता की राज्य संपोषित योजना “महादलित अल्पसंख्यक अति पिछड़ा अक्षर आंचल योजना” के तहत, टोला सेवक महिलाओं को साक्षर बनाने तथा इन समुदायों के 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को विद्यालय पहुंचाने-ले आने के साथ उन्हें कोचिंग देना है. जहां यह सब कुछ भी देखने को नहीं मिल पा रहे हैं. विद्यालय प्रभारी प्रतिमा कुमारी से पूछे जाने पर उन्होंने बतायी उक्त सभी बातों की जानकारी हमें नहीं है. डिंपल कुमारी ने बताई हम लोग कुछ भी बोलते हैं तो यह सब उल्टे हम लोगों के ऊपर ही गंभीर समारोह लगाकर हरिजन कोर्ट में किस करने की धमकी देने लगते हैं. इन सभी बातों को लेकर जब जिला समन्वयक पदाधिकारी शैलेश कुमार घोष से पूछा गया तो उन्होंने दोषियों पर कार्यवाही करने की बात कही.


