नवगछिया  : केंद्रीय विधिज्ञ आयोग  रिपोर्ट के विरुद्ध में बार कौंसिल ऑफ इंडिया अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के निर्देश पर अधिवक्ताओं के हित में नवगछिया अधिवक्ता संघ ने एक दिवसीय अपने न्यायालय के कामकाज से अलग रक्षा. जिसमें अधिवक्ताओं ने कहा कि विधिज्ञ आयोग का जो संशोधन है, वह लगभग 15 तथ्यों पर संशोधन किया जा रहा है.

Whatsapp group Join

मालुम हो कि बेसिक संसोधन जो कि 1961 अधिवक्ता एक्ट में भी किया जा रहा है. वही अगर न्यायलय कार्य में मामूली सा  मिस्टेक हो जाएगा तो अधिवक्ताओं का लाइसेंस रद्द करने का नियम बनने जा रहा है. और किसी अनुसूचित जाति जनजाति लोगों का मामला कोई भी अधिवक्ता लर रहा है उसमें अगर किसी भी दूसरे अनुसूचित जनजाति के लोगों ने अधिवक्ता के ऊपर केस कर दिया तो अधिवक्ताओं का लाइसेंस रद्द हो सकता है. और अगर वह साबित कर देगा तो अधिवक्ताओं को उनको 300000 से 500000 रूपए तक का जुर्माना देना होगा. अगर साबित नहीं कर सका तो अनुसूचित जाति जनजाति लोगों को अधिवक्ता को 2 लाख रुपया देना होगा. इन सभी बातों को लेकर शुक्रवार को नवगछिया व्यवहार न्यायालय में सभी अधिवक्ताओं द्वारा अपने कामकाज ठप रखा. जिसमें  अधिवक्ता संघ के महासचिव जय नारायण यादव, अध्यक्ष सुरेंद्र नारायण मिश्रा, अनुज कुमार चौधरी, निवास प्रसाद सिंह, ललन कुमार मंडल, युवा अधिवक्ता रजनीश कुमार सिंह, कुंदन कुमार चौधरी, कृष्ण कुमार आजाद, शंभू मालाकार, सुरेश प्रसाद सिंह, कौशल कुमार भारती, सतीश चंद्र झा व अन्य कई अधिवक्ता हड़ताल में शामील हुए.

By Rishav Mishra Krishna

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *