हाल ही में मोदी सरकार ने देश में एक समान कर प्रणाली के लिए जीएसटी लागू किया है। लेकिन ज्यादा ज्वैलर्स मेकिंग चार्ज पर अलग से 5 फीसदी जीएसटी वसूल करके ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं। ऐसे में सरकार ने साफ किया है कि जीएसटी के तहत ज्वैलरी के मेकिंग चार्ज पर अलग से GST नहीं वसूल सकते हैं।
Total Downloads: 76
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) की तरह से यह जानकारी दी गई है। CBEC ने जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर की तरफ से GST को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में ये जानकारी दी है। सवाल में पूछा गया था कि मान लिया जाए 30,000 रुपए में बिकने वाली ज्वैलरी में 2,8000 रुपए का सोना लगा हुआ है, और उसपर ज्वैलरी बनाने का मेकिंग चार्ज 2,000 रुपए है, ऐसे में क्या 28,000 रुपए के सोने पर 3 फीसदी GST और 2000 रुपए के मेकिंग चार्ज पर 5 फीसदी GST वसूला जाएगा? इसके जवाब में CBEC ने कहा है कि GST कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू पर 3 फीसदी GST लागू होगा चाहे उसमें मेकिंग चार्ज शामिल किया गया हो या नहीं। यानि ज्वैलर्स मेकिंग चार्ज सर्विस के नाम पर अलग से 5 फीसदी GST नहीं वसूल सकते हैं।

एक अन्य सवाल में पूछा गया था कि जो बैंक और एजेंसियां सोने का आयात करती हैं उनको भी आयात पर GST चुकाना पड़ेगा। इसके जबाव में CBEC ने कहा कि सोने का आयात करने वाली सभी एजेंसियों को 3 फीसदी IGST चुकाना पड़ेगा।
एक और सवाल में पूछा गया था कि जो विदेशी एजेंसियां भारत में बैंकों और दूसरी एजेंसियों को सोने का निर्यात करती हैं क्या उनको भी GST के तहत रजिस्टर होना जरूरी है। इसके जवाब में CBEC ने कहा कि ऐसी ऐजेंसियों को रजिस्टर होने की जरूरत नहीं है क्योंकि भारत में आयात करने वाले बैंक और आयातक एजेंसियां पहले से ही रजिस्टर होंगे।

