कटिहार : जेल के कैदी ने ही जेल से बाहर आने के बाद जेल के अंदर चल रहे गोरखधंधे का पर्दाफाश किया. कैदी ने बताया कि कैसे जेल के वार्ड की नीलामी होती है कैसे मोबाइल जेल के अंदर आता है. ये तमाम खुलासा सौरभ ठाकुर नाम के कैदी ने कटिहार मंडल कारागार से बेल पर रिहा होने के बाद बाहर निकल कर किया है. सबूत के लिए उसने फेसबुक पर अपनी जेल के अंदर की सेल्फी अपलोड की है.
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सौरभ ठाकुर पेशे से इंजीनियर हैं और उसने बीटेक किया है. 15 दिन पहले सौरभ को शराब पीने के आरोप में पुलिस ने कटिहार में गिरफ्तार किया था. 2 मई को उसे मंडलकारा कटिहार भेजा गया. जहां उसने जेल के अंदर के काले कारनामे को देखा.
सौरभ ने बताया कि जेल के वार्ड की नीलामी होती है. वो नीलाम जेल के सुप्रीटेन्डेट खुद करते हैं और नीलामी में हिस्सा कैदी लेते हैं. जो कैदी जितना ज्यादा कीमत लगाता है उसे वार्ड दे दिया जाता है. अब ये उसके ऊपर है कि वो हर कैदी से क्या वसूलता है. नीलामी पर लेने वाला कैदी दूसरे कैदियों के घरों पर फोन कर रंगदारी मांगता है. जो पैसे देता है उसे विशेष सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं.

सौरभ ने बताया कि जेल के अंदर किसी चीज की कमी नहीं है बस पैसा होना चाहिए. पैसा हो तो सबकुछ उपलब्ध है. पैसे पर मोबाइल मिलता है. उसने खुद बताया कि दो मोबाइल फोन वो खुद लेकर जेल के अंदर गया. जिसके एवज में उसे मोटी रकम देनी पड़ी थी.
सौरभ का यहां तक कहना है कि पैसा हो तो जेल में शराब, कबाब और शबाब भी उपलब्ध हो सकता है. हालांकि सौरभ के इस आरोप से जेल प्रशासन इंकार करता है जेल के सुप्रीटेन्डेन्ट का कहना है कि वार्ड जैसी नीलामी की कोई बात नहीं है. मोबाइल के लिए समय-समय पर छापेमारी होती है. सौरभ नाम के कैदी का मोबाइल भी जब्त किया गया है हालांकि जेल प्रशासन ने इस मामले में अभी तक एफआईआर तक दर्ज नहीं कराई है.
ये किसी एक जेल की कहानी है ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं. पैसे लेकर मुलाकातियों से कैदियों की मुलाकात कराना आम बात है. लेकिन सौरभ ने जो आरोप कटिहार मंडल कारागार के लिए लगाए हैं वो वाकई गंभीर हैं और सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए.
