नवगछिया/रंगरा। रंगरा थाना क्षेत्र के मदरौनी गांव में बुधवार को एक हृदयविदारक हादसे में मां और बेटे की करंट लगने से मौत हो गई। खेत में भिंडी तोड़ने गई महिला हाई वोल्टेज बिजली तार की चपेट में आ गई। मां को तड़पता देख उसे बचाने दौड़ा बेटा भी करंट की जद में आ गया। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
मृतकों की पहचान मदरौनी गांव निवासी मनोज कुमार की पत्नी सरिता देवी तथा उनके पुत्र सुंदरम सिंह के रूप में हुई है।
परिजनों एवं ग्रामीणों के अनुसार सरिता देवी बुधवार को अपने खेत में भिंडी तोड़ने गई थीं। खेत के ऊपर से गुजर रहा बिजली विभाग का हाई वोल्टेज नंगा तार कंक्रीट पोल के बजाय बांस के सहारे काफी नीचे लटका हुआ था। भिंडी तोड़ने के दौरान महिला का संपर्क अचानक तार से हो गया, जिससे वह करंट की चपेट में आकर वहीं तड़पने लगी।

मां को करंट से झुलसता देख उनका पुत्र सुंदरम सिंह दौड़कर उसे बचाने पहुंचा। उसने अपनी जान की परवाह किए बिना मां को तार से अलग करने का प्रयास किया, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया। देखते ही देखते दोनों खेत में अचेत होकर गिर पड़े।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह लाठी के सहारे बिजली तार को अलग किया। इसके बाद दोनों को आनन-फानन में इलाज के लिए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) पूर्णिया ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
जीएमसीएच में एक साथ मां और बेटे के शव को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में जर्जर बिजली तारों और बांस के सहारे खींची गई लाइनों की शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के कारण दो जिंदगियां असमय खत्म हो गईं।
सूचना मिलने पर पुलिस जीएमसीएच पूर्णिया पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देने, सरकारी सहायता उपलब्ध कराने तथा मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है

