नवगछिया : कदवा ओपी थाना क्षेत्र के कदवा चांय टोला के पास सरकारी जमीन पर रह रहे महदलितों को हटाने गये नवगछिया के प्रशासनिक पदाधिकारियों को महादलितों के विरोध का सामना करना पड़ा.
अतिक्रमण हटाने गये पदाधिकारियों का महादलितों ने किया विरोध
,, महादलितों का आरोप : पदाधिकारियों व पुलिस कर्मियों ने की मारपीट,
अनुसुचित जाति जनजाति थाने में दिया आवेदन
,, इधर नवगछिया बीडीओ ने कदवा थाने में दर्ज करायी प्राथमिकी
,, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के आदेश पर अतिक्रमण हटाने गये थे प्रशासनिक पदाधिकारी
इसके बाद नवगछिया बीडीओ राजीव रंजन और सीओ उदय कृष्ण यादव, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी रामविलास दास के नेतृत्व में गये प्रशासनिक पदाधिकारियों की टीम को बैरंग ही लौटना पड़ा. मामले की बात नवगछिया के बीडीओ राजीव कुमार रंजन ने कदवा ओपी में प्राथमिकी दर्ज करायी है. मालूम हो कि प्रशासनिक पदाधिकारी लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के आदेश पर अतिक्रमण हटाने गये थे.

महादलितों का आरोप: सीओ और बीडीओ ने की पिटाई
कदवा चांय टोला में रहने वाले महादलित परिवारों के सदस्यों ने जानकारी दी है कि उन लोगों ने करीब छ: माह पहले ही प्रशासनिक पदाधिकारियों को अवेदन दे कर जमीन का परचा देने की मांग की है. महादलित परिवारों का कहना है कि वे लोग भूमिहीन और इसलिए सरकारी जमीन पर करीब पचास वर्षों से रह रहे हैं. गुरूवार को जब प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा उनलोगों के घरों को हटाया जाने लगा तो उनलोगों ने विरोध किया.
उनलोगों ने कहा कि पहले उनलोगों के लिए जमीन दिया जाय, इसके बाद उनलोगों को हटाया जाय. महादलितों का आरोप है कि विरोध करने पर नवगछिया के सीओ, बीडीओ व अन्य पुलिस कर्मियों ने उनलोगों के साथ जबरदस्त रूप से मारपीट की है. जिसमें दीपक कुमार, संगीता कुमारी, धर्मेंद्र कुमार, अहल्या देवी व अन्य लोग घायल भी हो गये. महादलित परिवारों का कहना है कि कुल 52 डिसमिल जमीन बिहार सरकार की है. वे लोग दो ढाई कट्ठे पर ही रह रहे हैं. इतनी जमीन पर सात घर हैं और करीब बीस परिवार रह रहे हैं.
उनलोगों की आर्थिंक स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए जमीन खरीद पाने में असमर्थ हैं. कई बार उनलोगों ने प्रशासनिक पदाधिकारी को आवेदन दे कर जमीन का परचा देने की मांग की लेकिन उनलोगों की बात नहीं सुनी गयी. महादलितों ने कहा कि अगर उनलोगों को उक्त जमीन से हटा दिया जाता है वे लोग बाल बच्चों और महिलाओं को लेकर कहां जायेंगे, यह उनलोगों की समझ से परे है. अहल्या देवी ने घटना की बात नवगछिया अनुसुचित जाति जनजाति थाने में आवेदन दिया है.
कहते हैं एसपी
नवगछिया की एसपी निधि रानी ने कहा कि प्रशासनिक स्तर से अतिक्रमण कोहटाने के लिए प्रशासनिक टीम वहां गयी थी. टीम का जबरदस्त विरोध किया गया. मामले में विरोध और अमर्यादित व्यवहार करने वाले लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. दूसरी तरफ दूसरे पक्ष से भी अनुसुचित जाति जनजाति थाने में आवेदन दिया गया है.


