मनोहरपुर में बंदर की मौत पर ग्रामीणों ने किया अंतिम संस्कार, बरारी गंगा घाट पर दी मुखाग्नि
नवगछिया: नारायणपुर प्रखंड के मनोहरपुर गांव में इंसान और जानवर के बीच अनोखे लगाव की मिसाल देखने को मिली। शनिवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक बंदर की मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार कर मानवता और संवेदनशीलता का परिचय दिया।
जानकारी के अनुसार, बंदर की मौत की खबर गांव में फैलते ही ग्रामीणों में शोक का माहौल बन गया। गांव के लोगों ने आपस में चंदा एकत्र कर उसके अंतिम संस्कार का निर्णय लिया। देर शाम बंदर के शव को भागलपुर के बरारी गंगा घाट ले जाया गया, जहां विधि-विधान के साथ उसका दाह संस्कार किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि यह बंदर पिछले करीब एक महीने से गांव में रह रहा था। इस दौरान वह बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों का मनोरंजन करता था। गांव के लोग उसे नियमित रूप से भोजन कराते थे, जिसके कारण वह गांव में ही रहने लगा था और सभी का प्रिय बन गया था।

बंदर की अचानक मौत से ग्रामीण भावुक हो गए। लोगों का कहना है कि वह गांव का एक सदस्य जैसा बन गया था। यही वजह रही कि उसकी मौत के बाद ग्रामीणों ने पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया।
इस घटना की चर्चा आसपास के क्षेत्रों में भी हो रही है। ग्रामीणों की इस संवेदनशील पहल को लोग मानवता और जीवों के प्रति प्रेम की अनूठी मिसाल बता रहे हैं।

