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राजीव रंजन, नारायणपुर : भवानीपुर थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर मेहमान पक्षियों पर जुल्म का सिलसिला एक बार फिर से शुरू हो गया है. ऑनंद बाग से लेकर मध्य विद्यालय बलाहा पुरब तक चिड़िमार के द्वारा खुलेआम धड़ल्ले से अप्रवासी पक्षी का खुलेआम व्यापार देखने को मिलता है. चिड़िया विक्रेता द्वारा यहां दुलॆभ अप्रवासी पक्षी लालसर, दिघोंच, अधिंगा, कालसर, चाहा, बघेर, सहित अन्य कई तरह के पक्षियों की बिक्री एक हजार से लेकर तीन हजार रुपये जोड़ा बेचा जा रहा है. छोटे छोटे बच्चे से लेकर बृद्ध हाथ में चिड़िया लेकर नवोदय चौक से लेकर बीरबन्ना चौक तक बड़ी संख्या में मौजूद रहते हैं. जहाँ चार पहिया वाहन के अलावे ट्रक ड्राइवर खरिददारी करते हैं. चिड़िया बेचने व कोसी नदी में व अन्य तालाब में चिड़िया के डेरा डालने दुर्लभ पक्षी साइबेरिया के जंगल, कजाकिस्तान, चीन, तिब्बत, लद्दाख के जंगलों से नवंम्बर मास से जनवरी में प्रजनन व विचरण करने डोरे डालते हैं. माचॆ माह में अप्रवासी पक्षियों पलायन करने लगते हैं. पक्षी फंसाने व बिक्रेता के वृद्धि व विवाद को लेकर गत माह बिहपुर थाना क्षेत्र के कसेला बहियार में बीरबन्ना निवासी चिड़िमार शिवनारायण महतौ उफॆ शिवा, सिकंदर महतो उफॆ भुत्था की हत्या गोली मार कर दी गई थी. जहाँ पुलिस ने चिड़िया सहित बड़ी संख्या में जाल बरामद किए थे. पर्यावरणविद् अरविन्द मिश्रा ने बताया दुलॆभ अप्रवासी पक्षियों का बेचना कानुनन अपराध है. नारायणपुर के बीरबन्ना गाँव के पास कई बार थानाध्यक्ष की सहयोग से चिड़िमार को पकड़ कर जेल भी भेजा गया है. चिड़िमार स्थानीय नेता व पुलिस की मदद से शिकारियों को संरक्षण प्राप्त है. जिसको लेकर शिकारमाही बंद नहीं हो पाया है. भारतीय कानून के अनुसार शिकारमाही के जुर्म में पच्चीस हजार रुपए जुर्माना के साथ सात वर्ष की सजा है. नारायणपुर के स्थानीय बुद्धिजीवी लोगों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर वन विभाग के पदाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है. भवानीपुर ओपी के थानाध्यक्ष अनि सुदीन राम ने कहा कि जल्द ही पशु पक्षियों के कारोबार में शामिल बिचौलियों और पहेलियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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By Rishav Mishra Krishna

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