रामपुरहाट-गया पैसेंजर ट्रेन के इंजन की मोबिल टंकी का चैंबर रविवार को नाथनगर स्टेशन से खुलने के बाद फट गया। टंकी फटने के बावजूद ट्रेन 15 मिनट तक चलती रही। मुरारपुर स्टेशन के पास ड्राइवर को जब इसका अहसास हुआ तो ट्रेन को रोका। इस तरह बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। इंजन से धुआं निकलता देख यात्रियों में भगदड़ मच गई। साढ़े तीन बजे से लेकर साढ़े छह बजे तक ट्रेन वहीं पर खड़ी रही। बाद में भागलपुर से इंजन जाने के बाद ट्रेन खुली।
भगदड़ की वजह से तकरीबन आधे घंटे तक दोनों लाइन पर परिचालन बाधित रहा। जानकारी के अनुसार, दोपहर तीन बजकर 15 मिनट पर नाथनगर स्टेशन से खुलने के बाद ही चैंबर ब्लास्ट कर गया था, लेकिन ड्राइवर को इसका अहसास नहीं था। लेकिन जब ट्रेन मुरारपुर के पोल संख्या 313 (4) के पास पहुंची तो इंजन से निकल रहे धुएं की महक व यात्रियों के शोरगुल की आवाज सुनने के बाद चालक को इसका अहसास हुआ।

इसके बाद ड्राइवर ने ट्रेन को रोका। इसके बाद ग्रामीणों व यात्रियों ने मिलकर इंजन पर पानी डालकर धुआं को बुझाया।कोटइंजन या ट्रेन में आग लगने जैसी बात नहीं है। इंजन फेल हुआ था और भागलपुर से दूसरा इंजन भेजकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। जिसे धुआं उठना कहा जा रहा, वह तकनीकी तौर पर इंजन को फास्टिंग करना होता है, इससे धुआं निकलता है। आलोक कुमार सिंह, एरिया मैनेजर


