नवगछिया में गंगा पार करने वालों को बड़ी राहत, तीन घाटों से बाइक के साथ फेरी सेवा फिर शुरू
नवगछिया। गंगा के बढ़ते जलस्तर और नवगछिया की ओर एप्रोच रोड पर कटाव के कारण बाइक के साथ फेरी सेवा के परिचालन पर लगाई गई रोक समाप्त कर दी गई है। रविवार, 11 अक्टूबर से बियाडा घाट, बाबूपुर घाट और जाह्नवी चौक घाट से बाइक के साथ फेरी सेवा दोबारा शुरू हो गई। इससे गंगा पार कर आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिली है। अब लोग अपनी बाइक के साथ गंगा पार कर सकेंगे।
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इससे पहले गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि और नवगछिया की ओर एप्रोच रोड पर कटाव की स्थिति को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर तीनों घाटों से संचालित फेरी सेवा में बाइक ले जाने पर रोक लगा दी गई थी। यह प्रतिबंध 10 अक्टूबर तक प्रभावी था। स्थिति की समीक्षा के बाद प्रशासन ने 11 अक्टूबर से बाइक के साथ फेरी सेवा फिर शुरू करने का निर्णय लिया।
कटाव पर प्रशासन की नजर
नवगछिया की ओर एप्रोच रोड पर कटाव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जल संसाधन विभाग और फ्लड कंट्रोल की टीम की ओर से आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। एप्रोच रोड की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

गंगा के जलस्तर में बदलाव और एप्रोच रोड पर कटाव के कारण इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बाइक के साथ फेरी सेवा बंद रहने से उन यात्रियों को विशेष असुविधा हो रही थी, जो रोजमर्रा के काम, नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए गंगा पार आते-जाते हैं।
बाइक के साथ फेरी सेवा शुरू होने से यात्रियों को राहत
तीनों घाटों से बाइक के साथ फेरी सेवा शुरू होने से यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। अब बाइक सवारों को गंगा पार जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे समय और परेशानी दोनों कम होने की उम्मीद है।
हालांकि, गंगा का जलस्तर और एप्रोच रोड पर कटाव की स्थिति अभी भी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में फेरी सेवा से यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। यात्रियों को परिचालन में लगे कर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए और सुरक्षा नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
प्रशासन की ओर से कटाव की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा और आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
