गोपालपुर (भागलपुर): मानसून की सक्रियता के बीच नवगछिया अनुमंडल में गंगा और कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में गंगा नदी के जलस्तर में 24 सेंटीमीटर और कोसी नदी में 12 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। हालांकि फिलहाल दोनों नदियां चेतावनी और खतरे के स्तर से नीचे बह रही हैं।
24 घंटे में गंगा का जलस्तर 24 सेंटीमीटर बढ़ा
जल संसाधन विभाग के स्पर संख्या-6 एन स्थित कैंप कार्यालय के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंद टोली में गुरुवार सुबह गंगा नदी का जलस्तर 27.67 मीटर दर्ज किया गया। यह पिछले 24 घंटे की तुलना में 24 सेंटीमीटर अधिक है। गंगा का न्यूनतम जलस्तर 24.00 मीटर है, यानी नदी फिलहाल सामान्य स्तर से 3.67 मीटर ऊपर बह रही है।
विभाग के अनुसार गंगा का चेतावनी स्तर 30.60 मीटर और खतरे का स्तर 31.60 मीटर निर्धारित है।

कोसी नदी का जलस्तर भी बढ़ा
मदरौनी क्षेत्र में कोसी नदी के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। गुरुवार सुबह कोसी नदी का जलस्तर 28.40 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 12 सेंटीमीटर बढ़ा है। यह नदी के न्यूनतम जलस्तर 24.50 मीटर से 3.90 मीटर अधिक है।
कोसी नदी का चेतावनी स्तर 30.48 मीटर तथा खतरे का स्तर 31.48 मीटर निर्धारित किया गया है।
दियारा और निचले इलाकों में बढ़ी चिंता
जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा और कोसी के प्रवाह में तेजी आ गई है। इसका असर दियारा और निचले क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है, जहां बाढ़ का पानी धीरे-धीरे फैल रहा है। कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंधों के करीब पहुंचने लगा है, जिससे नदी किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
जल संसाधन विभाग लगातार दोनों नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन ऊपरी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की स्थिति में जलस्तर में और वृद्धि की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और विभाग द्वारा जारी सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
