नवगछिया: आदित्य, आइये कुछ छात्रों से जाने सफलता का राज, नवगछिया बाजार स्थित दुकान में काम कर बेटे को पढ़ाने वाले प्रमोद कुमार पोद्दार की मेहनत रंग लाई। पुत्र नीरज कुमार ने अच्छा अंक ल मां और पिता का नाम रोशन किया है। बिहार बोर्ड की मैट्रिक की परीक्षा में जिले में अव्वल आ कर नीरज देश की सेवा कर अभिनन्दन की तरह बनना चाहता है | आर्थिक तंगी के बीच पढ़ाई करने वाले नीरज का कहना है कि पैसे के अभाव में मेधा दम नहीं तोड़े, इसीलिए वह मेधावी बाच्चों को मुफ्त में पढ़ाना चाहते हैं। नीरज ने कहा कि पापा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति हमें प्रोत्साहन देते थे। वे खुद घंटों बैठकर हमें पढ़ाते थे। मेरी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इससे काफी परेशानी होती थी।
Total Downloads: 116
परीक्षा में सफलता मिलने के सफर के बारे में बताया कि नवगछिया हाईस्कूल का छात्र है उनके शिक्षक राकेश राय (मक्काताकिया) और ममेरा भाई प्रीतम हमेशा उसका मार्गदर्शन करते रहते थे. नीरज की माँ गृहिणी है उन्होंने बताया कि आज उनके लिए सबसे जायदा खुसी का दिन है आज उसके बेटे की मेहनत रंग लायी है उसका भविष्य बन जाएगा। उसके पिता ने कहा कि नीरज बचपन से ही अनुशासन में रहता था। वह पढ़ने के समय पढ़ता था और खेलने के समय खेलता था।


सफलता के लिए बताया की वह कठिन और हल्के के चक्कर में नहीं रहता था। गणित के सवालों को वह किसी प्रकार से हल करता था। वहीं मा बेटे की कामयाबी से खुश हैं। वह अच्छा इंसान बने। नीरज की कामयाबी पर घर में दादा और दादी मिठाई बांट रहे है । घर में खुशी का माहौल है नीरज ने कहा कि जो सवाल नहीं बने उसे खुद बनाने का प्रयास करना चाहिए। सेल्फ स्टडी छह घंटे करना चाहिए। मैं कठिन सवालों को कई तरीके से उल्टा-पुल्टा कर बनाता था। इस कारण गणित मेरा अच्छा विषय बन गया था।

अपडेट खबर :
बताते चले कि अभी तक कि प्राप्त जानकारी के आधार पर इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय नवगछिया से दीपक कुमार 460 अंक ओर नारायणपुर से अभिषेक आनंद को 452 अंक, ललित नारायण मिश्र बालिका उच्च विद्यालय भमरपुर कि साक्षी कुमारी को 434 अंक,शिवधारी सुकदेव उच्च विद्यालय के एक छात्र को 439 अंक मिला है।

