नवगछिया: नवगछिया गौशाला में स्थित संकट हरने वाली, सब सुखों की माता वैष्णो देवी की महिमा सबसे न्यारी है. मां की महिमा का बखान जितना भी किया जाए कम है. वह दुखियों के दुख हरती हैं. अपने भक्तों के समस्त कष्टों का निवारण करती हैं. उनके सम्मुख जो भी भक्त सच्चे हृदय से मनोकामना करता है, मां उसकी मनोकामना पूर्ण करती हैं.
वह नेत्रहीन को नेत्र, अंगहीन को अंग, निर्बल को बल, धनहीन को धन, संतानहीन को संतान, विद्याहीन को विद्या देकर हर तरह से इच्छा पूर्ण करती हैं. मां शेरांवाली का दरबार आठों पहर यानी चौबीस घंटे अपने भक्तों के लिए खुला रहता है.

अष्टभुजा वाली मां की शेर पर सुसज्जित सवारी की कल्पनामात्र से ही हर भक्त नतमस्तक हो जाता है और उसके हृदय से एक ही आवाज गूंज उठती है- ‘जय माता दी’
गौशाला मंदिर में महादेव और माँ की बहुत ही सुन्दर प्रतिमा है यहाँ पर सालो भर माँ की पूजा आराधना होती है और हर शनिवार यहाँ माँ को खिचड़ी का भोग लगा कर भक्तो की बीच प्रसाद का वितरण किया जाता है इस मंदिर में लगभग सालो भर कोई न कोई आयोजन होते रहता है जैसे शिवरात्रि का बहुत ही विशाल बारात निकलता है सावन में भी लोग बरारी से जल भर का भगवान भोले नाथ का अभिषेक करते है


