भागलपुर : मेयर चुनाव में अब तक सभी उम्मीदवारों में आगे चल रहीं सीमा साहा को बड़ा झटका लगा है। चुनाव से दो दिन पहले मंगलवार को निवर्तमान डिप्टी मेयर डा. प्रीति शेखर और मेयर पद की दूसरी दावेदार बबिता देवी ने सीमा पर चुनाव आयोग को गलत तथ्य बताकर चुनाव जीतने का आरोप लगाया है।
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दोनों ने डीडीसी से मिलकर इसकी शिकायत की और मामले की जांच होने तक शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की मांग की। अगर जांच में उम्र छिपाने की बात सच साबित होती है तो सीमा की पार्षद सदस्यता जा सकती है।
प्रीति ने डीडीसी अमित कुमार से मिलकर उन तथ्यों की जानकारी दी है, जिसमें सीमा पर शपथ पत्र में तथ्यों को छुपाने का आरोप लगाया गया है। डीडीसी ही अभी डीएम के भी प्रभार में हैं। आवेदन में कहा है कि शपथ पत्र के अनुसार सीमा की उम्र 27 वर्ष है और उनके पांचों संतानों का जन्म 1 फरवरी 2004 से 26 जून 2007 के बीच हुआ है। लेकिन उनकी बड़ी बेटी काजल आनंद का बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना से निर्गत अंक प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 30.7.1997 है। इस जन्म तिथि के अनुसार सीमा आठ साल में ही मां बन गई हैं जो सामाजिक ही नहीं, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी संभव नहीं है। इसलिए सीमा साह के शपथ पत्र में दी गई पूरी जानकारी की जांच करायी जाय और तबतक शपथ ग्रहण पर रोक लगायी जाय।

डीडीसी से मिलने के बाद प्रीति और बबिता ने प्रेस कांफ्रेंस भी किया। निश्चित रूप से मामले की जांच होगी: डीडीसी डीडीसी अमित कुमार ने बताया कि डॉ. प्रीति शेखर ने जो आवेदन दिया है, उसके साथ कुछ अहम दस्तावेज भी हैं। यह आवेदन निर्वाचन आयोग को भी दिया गया है। वार्ड नंबर 50 की नवनिर्वाचित पार्षद सीमा साहा पर शपथ पत्र में गलत जानकारी देने का आरोप है।
जो दस्तावेज हैं उसके अनुसार निश्चित रूप से यह जांच का विषय है और इसकी जांच करायी जाएगी। हालांकि उन्होंने अभी यह नहीं बताया कि जांच कितने दिनों में पूरी होगी। शपथ रोकने की बाबत उन्होंने कहा कि जो नियम होगा, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी। प्रीति के पहले टुनटुन और राजेश भी पहुंचे डीडीसी के पास दोपहर बाद विरोधी खेमे की इस हलचल की जानकारी होने के बाद सीमा साह के पति सह जिला परिषद अध्यक्ष टुनटुन साह भी हरकत में आ गए।
डा. प्रीति शेखर के डीडीसी कार्यालय पहुंचने से पहले ही जिप अध्यक्ष डिप्टी मेयर के दावेदार राजेश वर्मा के साथ वहां पहुंचे। हालांकि डीडीसी से क्या बात हुई, उसपर उन्होंने इतना ही कहा कि जिला परिषद की बैठकों के बारे में बात करने आए थे। लेकिन साथ में वर्मा और कुछ अन्य समर्थकों की उपस्थिति से स्पष्ट था कि वह इसी के मद्देनजर मिलने पहुंचे थे। डीडीसी ने भी इससे इनकार कर दिया कि शपथ पत्र या डा. प्रीति शेखर की शिकायत के मद्देनजर कोई बात हुई। उन्होंने भी कहा कि जिला परिषद की सामान्य बातों पर ही बात हुई।
