नवगछिया। खरीक प्रखंड के राघोपुर बांध पर बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्तावित निरीक्षण को लेकर सुबह से ही तैयारियां पूरी थीं, लेकिन उनका जमीनी निरीक्षण नहीं हो सका। केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। उनके नहीं पहुंचने पर बांध पर घंटों इंतजार कर रहे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और बाद में लोगों ने बैनर-पोस्टर फाड़कर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
Total Downloads: 270
केंद्रीय मंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर राघोपुर क्षेत्र में सुबह से ही पुलिस और प्रशासन की भारी तैनाती की गई थी। जाह्वनी चौक से राघोपुर पंचायत भवन तक करीब पांच फीट ऊंची बांस की बैरिकेडिंग कर आवागमन नियंत्रित किया गया था। पंचायत भवन में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की भी तैयारी की गई थी।
दौरे को लेकर नवगछिया एसपी वैभव शर्मा, डीएसपी सयाम रजा, डीसीएलआर शैलेन्द्र कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

हजारों ग्रामीण करते रहे इंतजार
केंद्रीय मंत्री के आने की सूचना पर राघोपुर बांध पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। लोग घंटों तक मंत्री के पहुंचने का इंतजार करते रहे। निर्धारित समय बीतने के बाद भी जब मंत्री नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों की नाराजगी धीरे-धीरे बढ़ने लगी।
इसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तथा जवान भी वहां से लौटने लगे। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। लोगों ने बांध पर लगाए गए बैनर-पोस्टर फाड़ दिए और नारेबाजी कर विरोध जताया।
स्थायी कटावरोधी कार्य की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि राघोपुर क्षेत्र लंबे समय से गंगा कटाव की समस्या से प्रभावित है। लोगों की मांग है कि यहां अस्थायी बचाव कार्यों के बजाय स्थायी कटावरोधी व्यवस्था की जाए। केंद्रीय मंत्री के प्रस्तावित निरीक्षण को लेकर ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उनके सामने क्षेत्र की समस्या रखी जाएगी और स्थायी समाधान की दिशा में पहल होगी।
केंद्र की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति, राहत और बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लेना था। उनके दौरे में भागलपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भी कार्यक्रम में शामिल थे।
राघोपुर बांध पर प्रस्तावित जमीनी निरीक्षण नहीं होने के बाद अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि क्षेत्र की कटाव और बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन और सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
