पटना:  हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार को मोबाइल सिम के लिए आधार कार्ड जरूरी किये जाने पर नोटिस जारी किया है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन एवं न्यायमूर्ति सुधीर सिंह ने दिया है।

गुरुवार को कोर्ट में मोबाइल सिम के लिए आधार कार्ड जरूरी किये जाने पर चुनौती दी गयी थी। याचिकाकर्ता अभिजीत गौतम ने कहा कि आधार कार्ड बनाने के क्रम में फोटो के साथ फिंगर प्रिंट और आंखों की पुतली का फोटो रिकॉर्ड किया जाता है। आधार को मोबाइल फोन के सिम से जोड़ना संवैधानिक अधिकार का हनन है।

केंद्र सरकार मोबाइल सिम लेने के लिए ‘आधार’ नंबर को अनिवार्य करने की बात कही है। वजह यह है कि इससे फर्जी उपभोक्ताओं को पहचानने और अपराध में मोबाइल के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने टेलीकॉम कंपनियों को एक नोटिस भेजा गया है जिसमें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सब्सक्राइबर्स के मोबाइल नंबर उनके आधार से जुड़े हों।

इस प्रक्रिया को एक साल में पूरा करने के लिए कहा गया है।डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम के एक स्टेटमेंट के मुताबिक उन्हें उम्मीद है कि यह प्रक्रिया एक साल के अंदर पूरी कर ली जाएगी।

आदेश के मुताबिक यह प्रक्रिया 6 फरवरी 2018 से पहले पूरी हो जानी चाहिए। यानी इसके बाद संभव है कि जिस मोबाइल यूजर ने आधार कार्ड देकर वेरिफिकेशन नहीं कराया उनकी सर्विस बंद की जा सकती हैं।

सभी कस्टमर्स का वेरिफिकेशन फिर से होगा 

सभी टेलीकॉम कंपनियों सभी मौजूदा कस्टमर्स की वेरिफिकेशन फिर से करेंगे. इनमें प्रीपेड और पोस्टपेड यूजर्सशामिल होंगे। इनकी वेरिफिकेशन आधार कार्ड आधारित E-KYC प्रोसेसर से किया जाएगा।

मंत्रालय ने सभी कंपनियों से विज्ञापनों को जरिए कस्टमर्स को यह बताने के लिए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक उनका एक बार फिर से वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इसके अलावा यह भी आदेश दिया गया है कि कंपनियां तमाम जानकारियां मैसेज और वेबसाइट के जरिए सभी कस्टमर्स तक पहुंचाएं।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *