नवगछिया, निज संवाददाता। नवगछिया पुलिस जिला के नदी थाना क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित सिंहकुंड गांव में सोमवार को सर्पदंश से आंगनबाड़ी सेविका की मौत हो गई। मृतका की पहचान सिंहकुंड निवासी उमेश ठाकुर की पत्नी बबीता कुमारी (39) के रूप में हुई है। बबीता लोकमानपुर पंचायत के आजाद नगर टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-84 में सेविका के पद पर कार्यरत थीं।
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परिजनों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे बबीता आंगनबाड़ी केंद्र से ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान बाढ़ के पानी के बीच उन्होंने एक चूहे के पीछे सांप को जाते देखा। इसी दौरान सांप उनके पैर से टकरा गया और उन्हें डंस लिया। परिजनों का दावा है कि सांप ने उन्हें दो बार डंसा, जिसके बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
सर्पदंश के बाद बबीता किसी तरह घर पहुंचीं और पति को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया ले जाने लगे। बाढ़ के कारण सड़क मार्ग से आवागमन बाधित था। ऐसे में पहले उन्हें नाव से सिंहकुंड से लोकमानपुर लाया गया। इसके बाद सीएनजी टेंपो से अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने में करीब 35 से 40 मिनट का समय लगा।

चिकित्सकों ने मृत घोषित किया, परिजनों ने किया हंगामा
अनुमंडल अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद बबीता को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। परिजनों ने चिकित्सकों पर समुचित इलाज नहीं करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों का कहना था कि बबीता जीवित हैं और उनका इलाज किया जाना चाहिए। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
बाढ़ प्रभावित सिंहकुंड क्षेत्र में आवागमन की समस्या के बीच सर्पदंश की इस घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। बाढ़ के दौरान सांपों के निकलने और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की जरूरत बताई है।
