नवगछिया : पिछले एक सप्ताह से ठंड का कहर इस कदर बढ़ गया है कि लोग दोपहर तक अपने घरों में ही दुबके रह जाते हैं. कड़ाके की इस ठंड में जहां लोग आवश्यक कार्य से घर से बहार निकलते हैं. शाम ढलते ही लोग अपने घरों में दुबक जाते हैं. वहीं इस ठंड में गंगा व कोसी नदी के कटाव से विस्थापित हुए परिवार जो बांध पर झोपड़ीनुमा घर बनाकर रह रहे है. उनकी स्थिति इस ठंड में सबसे ज्यादा दयनीय बनी हुई है. बर्फिली पछुआ हवा में विस्थापित परिवार का जीवन काफी कष्टकारी है. विस्थापित परिवार बांध पर पत्ते जला कर इस ठंड से निजात पाने का प्रयास कर रहे हैं.
वही एक सप्ताह से हुई कड़ाके की ठंड के बावजूद इन विस्थापित परिवार के लिए प्रशासन स्तर से न तो अलावा की व्यवस्था की गई है और न ही विस्थापित गरीब परिवार के बीच कंबल वितरण कराया गया है. वहीं शहरी क्षेत्रों में भी प्रशासन स्तर से अलाव की व्यवस्था नही होने के कारण रिक्शा ठेला चालक व फुटपात पर रहने वाले गरीब लोग कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे हैं. अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजो के परिजनों, विभिन्न स्थानों के लिए यात्रा के लिए घर से निकले यात्रियों को कड़ाके की इस ठंड ठिठुर कर यात्रा करना पर रहा है. प्रशासन स्तर से इन स्थानों पर भी अलाव की व्यवस्था अबतक नहीं की गई है.
एसडीओ ने सीओ व नगर पंचायत को अलाव जलाने के दिया निर्देश

नवगछिया एसडीओ मुकेश कुमार ने मंगलवार को कड़ाके की ठंड के मद्देनजर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सहित सभी अंचलाधिकारी को धर्मशाला, रेन बसेरा, मुसाफिर खाना, रिक्शा टमटम पड़ाव, बस स्टैंड, अस्पताल परिसर सहित सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है.
वही एसडीओ के निर्देश के बावजूद नवगछिया नगर एवं अंचल क्षेत्र में मंगलवार की संध्या समय प्रशासन स्तर से एक भी अलाव की व्यवस्था नही की गई थी. एसडीओ के अलाव जलाने के निर्देश के बाद भी अस्पताल में मरीजों के परिजन व बस व रेलवे स्टेशन पर यात्रा के लिए आए यात्रियों एवं रिक्शा टमटम चालक अलाव नहीं जलने से ठंड में ठिठुरते रहे. वहीं बांध पर रह रहे विस्थापित परिवारों की स्थिति और भी दयनीय है.


