बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमों लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव के बयान के बाद रघुवंश प्रसाद शांत होते दिख रहे हैं. बुधवार को वैशाली में ईटीवी से बात करते हुए रघुवंश ने अपने पुराने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति नहीं बल्कि बुराई का ‘गर्दा उड़ाने’ की बात कही थी. मेरे बयान को अलग तरीके से पेश किया गया. मेरा मतलब था कि मैं फ्रंट का सिपाही हूं. राजनीति का मतलब बुराई को खत्म करना है. हम बुराई को खत्म करेंगे और सिपाही भी तो दुश्मन को ही मारता हैैं. वहीं उन्होंने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों के बयानों को पढ़कर ही कुछ बोलेंगे.
तेजस्वी यादव का बयान
आपको बता दें कि कल तेजस्वी यादव ने दो टुक शब्दों में कह दिया था उनके बयान को पार्टी सपोर्ट नहीं करती. वो ऐसे बयान न दें नहीं तो उन पर कारवाई संभव है. तेजस्वी ने कहा कि रघुवंश प्रसाद के बयान से बीजेपी को फायदा पहुंच रहा है. अगर बात बढ़ेगी तो उम्मीद है राष्ट्रीय अध्यक्ष उन पर जरूर कार्रवाई करेंगे.
राबड़ी देवी का बयान
इससे पहले राबड़ी देवी ने कहा था कि रघुवंश प्रसाद सिंह का बयान फूहड़ है और उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिये. राबड़ी ने बयानबाजी को लेकर जदयू नेताओं को भी बयान न देने की सलाह दी है.


रघुवंश प्रसाद सिंह का बयान
रघुवंश प्रसाद सिंह ने जनता दल यूनाईटेड पर निशाना साधते हुए कहा की अगर सेनापति का आदेश हो तो वह किसी का भी गर्दा छुड़ा देंगे. उन्होंने सीएम पर वार करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने यूपी में भाजपा का विरोध क्यों नहीं किया? साथ ही जदयू प्रवक्ता संजय सिंह के बयान की आलोचना करते हुए यहां तक कह डाला की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें गाली दिलवा रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने बड़ा बयान दे डाला और कहा की वह तो फ्रंट पर लडऩे वाले सिपाही हैं, अगर सेनापति का आदेश हो तो किसी को भी मारकर उसका गर्दा छुड़ा सकते हैं.

