नवगछिया के प्राचीन तेतरी दुर्गा मंदिर में नवरात्र की धूम, 400 साल से अधिक पुराने मंदिर में उमड़ रहा आस्था का सैलाब
नवगछिया। शारदीय नवरात्र को लेकर नवगछिया के तेतरी दुर्गा मंदिर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। भक्त मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है।
Total Downloads: 385
तेतरी दुर्गा मंदिर केवल पूजा-अर्चना का प्रमुख केंद्र ही नहीं, बल्कि अपनी प्राचीनता, ऐतिहासिक मान्यताओं और अनूठी बनावट के कारण भी क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। नवरात्र के दौरान यहां आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। मां दुर्गा के प्रति लोगों की गहरी आस्था के कारण मंदिर में पूरे नवरात्र विशेष चहल-पहल रहती है।
400 साल से अधिक पुराना माना जाता है मंदिर
नवगछिया के रोड नंबर 14 स्थित तेतरी गांव का यह प्राचीन दुर्गा मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर का इतिहास करीब 400 से 423 साल पुराना है। इसकी स्थापना लगभग 1600 ईस्वी के आसपास मानी जाती है। हालांकि, मंदिर की स्थापना से संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच इसकी प्राचीनता को लेकर गहरी मान्यता है।

लंबे समय से यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। नवरात्र के अवसर पर यहां पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। भक्त मां दुर्गा के सामने माथा टेककर अपनी मनोकामनाएं रखते हैं और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।
करीब दस मंजिला बनावट है मंदिर की खास पहचान
तेतरी दुर्गा मंदिर की सबसे खास विशेषताओं में इसकी ऊंची और आकर्षक संरचना शामिल है। स्थानीय स्तर पर इसे करीब दस मंजिला मंदिर के रूप में जाना जाता है। इसकी ऊंचाई और विशिष्ट बनावट दूर से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। मंदिर की वास्तुकला इसे क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान देती है।
मंदिर की बनावट को देखने और मां दुर्गा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। नवरात्र के दौरान मंदिर की रौनक और बढ़ जाती है। पूजा-पाठ के बीच मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहता है।
नवरात्र में लगता है मेला, दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु
शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के अवसर पर तेतरी दुर्गा मंदिर परिसर में मेला लगता है। इसमें आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। इसके अलावा, दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र के दौरान मंदिर के आसपास उत्सवी माहौल देखने को मिलता है।
श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ मंदिर परिसर में लगने वाले मेले का भी आनंद लेते हैं। नवरात्र लोगों के लिए धार्मिक आस्था के साथ आपसी मेल-मिलाप और उत्सव का अवसर भी बनता है।
आस्था के साथ जुड़ी हैं लोगों की मान्यताएं
स्थानीय श्रद्धालुओं का विश्वास है कि तेतरी दुर्गा मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। इसी आस्था के कारण लोग विभिन्न अवसरों पर मां के दर्शन करने पहुंचते हैं। नवरात्र में भक्त विशेष रूप से पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा से परिवार और समाज की सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं।
तेतरी दुर्गा मंदिर की प्राचीनता, ऊंची संरचना और नवरात्र के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ इसे नवगछिया के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशेष स्थान दिलाती है। शारदीय नवरात्र के दौरान यहां पूजा-पाठ और दर्शन का सिलसिला जारी है तथा मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
