नवगछिया : नवगछिया सहित आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह से लचर हो गई है. बिजली आपूर्ति की स्थिति चरमरा जाने के कारण उपभोक्ताओं में आक्रोश व्याप्त होता जा रहा है. नवगछिया शहर में बिते एक सप्ताह से जहां 8 से 10 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति और भी दयनीय है. ग्रामीण इलाकों में बिजली कब आती है और कब गुल हो जाती है. इसका पता भी लोगों को नहीं चल पाता है. एकाएक बिजली आपूर्ति में गिरावट आ जाने के कारण लोगों को विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
नवगछिया शहर वासियों का कहना है कि प्रतिदिन संध्या समय बिजली गायब रहती है. संध्या समय बिजली गायब हो जाने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वही दिन में भी बिजली की स्थिति ठीक नहीं है. उमस भरी गर्मी के में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. संध्या समय बिजली गायब होने के कारण छात्रों का पठन-पाठन भी प्रभावित होता है.

वहीं महिलाओं को खाना बनाने में भी परेशानी का सामना करना होता है. वही बिजली आपूर्ति सुचारु रुप से नहीं होने के कारण बिजली से जुड़े कई उद्योग धंधे व व्यवसाय प्रभावित हो रहा है. बिहपुर, नारायणपुर, खरीक, रंगरा, गोपालपुर एवं इस्माइलपुर प्रखंड में बिजली की आपूर्ति की स्थिति और भी ज्यादा दयनीय है. लोगों ने विद्युत विभाग के वरीय पदाधिकारियों से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है.
बिहपुर में तो बदतर हो गई है स्थिति
बिहपुर प्रखंड में भी बिजली की स्थिति बदतर हो गई है सात से 8 घंटे बिजली भी लगातार नहीं दी जा रही है. हालांकि बिजली विभाग ने पहले ही घोषणा कर दिया था की 25 और 26 जुलाई को दिन में बिजली नहीं दी जाएगी लेकिन रात में भी बिजली की स्थिति बदतर ही है. उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग पर ज्यादा बिजली गिरने से फिर भी दिल्ली की ऐसी स्थिति सोचनीय बिजली नहीं रहने पर भी उतना ही मीटर शो किया जाता है. जब विभाग कैसे ठीक ठाक ले रही है बिजली की ठीक-ठाक मिलनी चाहिए. क्षेत्र के जिला पार्षद गौरव राय ने कहा कि बिल्कुल विधानसभा में बिजली की स्थिति काफी दयनीय हो गई अब लग रहा है उन लोगों के समक्ष आंदोलन ही एकमात्र विकल्प है. 2 दिनों के अंदर बिजली विभाग को अल्टीमेटम दिया जाएगा.


