विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का सफल ट्रायल, 40 किमी/घंटा तय हुई अधिकतम गति सीमा

भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पर तैयार किए गए बेली ब्रिज की मजबूती और सुरक्षा का आकलन करने के लिए शुक्रवार को तकनीकी परीक्षण किया गया। संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों और अभियंताओं की मौजूदगी में चारपहिया वाहनों को पुल से गुजारकर उसकी स्थिरता और सुरक्षा का परीक्षण किया गया।

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परीक्षण के दौरान विभिन्न गति पर वाहनों का संचालन कर पुल की स्थिति का आकलन किया गया। जांच में पाया गया कि 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक बेली ब्रिज पूरी तरह संतुलित और सुरक्षित रहा। हालांकि, 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पर पुल में कंपन की तीव्रता बढ़ती हुई दर्ज की गई।

सुरक्षा के मद्देनजर 40 किमी/घंटा की गति सीमा तय

तकनीकी परीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुल से गुजरने वाले वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित करने का निर्णय लिया है। निर्धारित गति सीमा का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक संकेतक और निगरानी व्यवस्था भी स्थापित की जाएगी।

अभियंताओं की निगरानी में हुआ परीक्षण

ट्रायल के दौरान अभियंताओं ने पुल की संरचना, कंपन स्तर और भार वहन क्षमता सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही पुल पर यातायात शुरू किया जाएगा।

सात जून से पहले यातायात बहाल करने की तैयारी

इधर, विक्रमशिला सेतु पर चल रहे अतिरिक्त बेली ब्रिज निर्माण कार्य का निरीक्षण करने शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी निर्माण स्थल पहुंचे। उन्होंने निर्माण एजेंसियों से प्रगति रिपोर्ट ली और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जल्द से जल्द सेतु पर वाहनों की आवाजाही बहाल करना है। इसके लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और पुल निर्माण निगम के अभियंता लगातार युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि 7 जून से पहले यातायात बहाल करने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

चौथे बेली ब्रिज की भी तैयारी

डीएम ने बताया कि पुल को और अधिक सुरक्षित एवं मजबूत बनाने के लिए एक और बेली ब्रिज तैयार करने की योजना पर कार्य चल रहा है। यह चौथा बेली ब्रिज होगा, जिससे वाहनों का परिचालन और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

इसके साथ ही पहुंच पथ निर्माण, तकनीकी खामियों को दूर करने, सड़क चिह्नांकन और यातायात निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य भी समानांतर रूप से जारी है।

सुरक्षा मानकों से नहीं होगा समझौता

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में तेजी के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का भी पूरी तरह पालन किया जा रहा है। किसी भी स्तर पर सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और सभी तकनीकी मानकों को ध्यान में रखकर ही यातायात शुरू किया जाएगा।

By न्यूज़ डेस्क

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