भागलपुर एसिड अटैक विक्टिम छात्रा ने 38 दिनों तक मौत से संघर्ष के बाद सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे पहले वाराणसी के निजी अस्पताल में भर्ती छात्रा को हालत बिगड़ने के बाद रविवार रात दिल्ली ले जाया गया। सोमवार को दिन के करीब 11:30 बजे उसने सफदरजंग अस्पताल में आखिरी सांस ली। शव का पोस्टमार्टम वहीं कराया गया। एंबुलेंस से शव को भागलपुर लाया जा रहा है।
खुशहाल परिवार में अचानक आई विपत्ति
अलीगंज का एक परिवार जो हंसी-खुशी की जिंदगी जी रहा था, वह क्षण भर में बर्बाद हो गया। दरिंदों ने उस परिवार की इकलौती खुशी सदा के लिए छीन ली। 19 अप्रैल की शाम में दरिंदों ने छात्रा पर इतना तेजाब डाल दिया कि वो 38 दिनों तक वह वाराणसी के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ती रही। जलन से अस्पताल में चीखती थी तो परिवार वाले भी बेचैन हो उठते थे। 27 मई की सुबह में मौत की खबर शहरवासियों को जैसे ही मिली वे भी अंदर से टूट पड़े।
19 अप्रैल की शाम करीब सात बजे
दरअसल 19 अप्रैल की शाम करीब सात बजे घर में चीख-पुकार मची थी। पड़ोस के लोगों ने सोचा कि घर में आपस में कुछ बात हुई होगी लेकिन बाहर निकलने पर पीड़िता की मां ने पड़ोसी से मदद की गुहार लगाई। आरोपी प्रिंस ने ही मोबाइल से पीड़िता के पिता को फोन पर सूचना दी। सूचना पर पिता अलीगंज स्थित ज्वेलरी दुकान से घर आए। कुछ देर पहले पीड़िता का भाई नाश्ता कर घर से निकला था।


सवा महीने तक जिंदगी और मौत से संघर्ष
महिलाएं कहती हैं कि घर से इलाज के लिए बाहर निकालने के दौरान शरीर से चमड़ा उखड़ रहा था। कुर्सी पर बैठाकर अलीगंज रोड पर लाया गया था। स्थानीय डाक्टर के यहां ले गए लेकिन एसिड का नाम सुनते ही डाक्टर ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने को कहा। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने बोकारो बर्न अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन परिवार वाले रात में ही बनारस लेकर चले गए थे। परिवार वालों का कहना है कि इंटर की पढ़ाई पूरी कर चुकी छात्रा का मिनट में ही जिंदगी बर्बाद हो गई। सवा महीने तक जिंदगी और मौत से संघर्ष के बाद दुनियां से चली गई।
अलीगंज में ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं पिता
कजरैली थाना क्षेत्र के रहने वाले पीड़िता के पिता अलीगंज में ज्वेलरी का दुकान चलाकर परिवार का परवरिश कर रहे हैं। दो भाई में इकलौती पीड़िता एक प्राइवेट स्कूल से इंटर पास की थी। पिता के मुताबिक छात्रा पढ़ने में तेज तर्रार थी। घर में भी वह काफी मेहनत करती थी पढ़-लिखकर कुछ बनने की तमन्ना पाले थी।

छात्रा ने स्पेशल सीजेएम को दिया था ये बयान
सात मई को बनारस के स्पेशल सीजेएम के समक्ष एसिड एटैक पीड़िता ने 164 के बयान में कहा था कि 19 अप्रैल की शाम वह किचन में मां के साथ खाना बना रही थी। इसी दौरान सामने के गेट से प्रिंस घर में आया, प्रिंस के छत के रास्ते तीन नकाबपोश आए थे। मां को पिस्टल सटा दिया था। एक लड़का मेरे ऊपर तेजाब फेंक दिया। दो लड़के ने हाथ पकड़ लिया। प्रिंस घर के बगल खाली प्लॉट में बैठकर मित्रों के साथ गांजा पीता है। उसके साथ राजा, मनीष और रंजीत साह भी रहता है। एसिड फेंकने के बाद सभी लोग घबरा गए और बंदूक छोड़कर भाग गए। तेजाब से शरीर जल गया था। अभियुक्तों से पहले कोई दुश्मनी नहीं थी लेकिन सभी अभियुक्त देख भद्दे कमेंट करते थे।
घटना के 37वें दिन और मौत से एक दिन पहले मुआवजे का प्रस्ताव
छात्रा पर तेजाब हमले जैसे संवेदनशील मामले में भी मुआवजा भुगतान का प्रस्ताव भेजने और प्रक्रिया पूरी करने में जिला प्रशासन को 37 दिन लग गये। छात्रा की मौत से एक दिन पहले डीएम ने पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत अतिरिक्त मुआवजा भुगतान के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार को पत्र भेजा था। इस योजना के तहत एक लाख रुपये भुगतान करने का प्रावधान है। अभी तय नहीं है कि मुआवजा का भुगतान कब तक होगा। एसएसपी भागलपुर ने एसिड अटैक मामले में डीएम को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत अतिरिक्त मुआवजा का भुगतान करने का आग्रह किया था।

पुलिस जांच में प्रिंस और राजा दोषी
उधर एसएसपी की सुपरवीजन रिपोर्ट में एसिड अटैक मामले में जेल में बंद प्रिंस भगत और राजा यादव को दोषी पाया गया है। दो अन्य आरोपियों मनीष कुमार और रंजीत साह के अभियुक्तिकरण के बिंदु पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने का निर्देश दिया गया है। डीआईजी विकास वैभव ने कहा कि पीड़िता और परिवार वालों का चार बार बयान लिया गया लेकिन किसी के बयान में एकरूपता नहीं दिख रही है। इसलिए जांच में परेशानी हो रही है। चार्जशीट दाखिल करने के लिए एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पीड़ित पक्ष के चार बयान ये हैं
डीआईजी विकास वैभव ने कहा कि पीड़िता और परिवार वालों का चार बार बयान लिया गया लेकिन किसी के बयान में एकरूपता नहीं दिख रही है। पीड़िता की मां ने पहले तीन अज्ञात नकाबपोश पर हमला करने की बात कही थी। पिता द्वारा दर्ज एफआईआर में प्रिंस पर एसिड डालने की बात कही गई थी। पीड़िता और उसकी मां ने महिला थानेदार रीता कुमारी के समक्ष प्रिंस और राजा पर तेजाब डालने की बात कही। पीड़िता ने 164 में चार लोगों का नाम लिया है लेकिन किसने तेजाब डाला और किसने हाथ पकड़ा इस संबंध में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा गया है। बयान में घटना का कारण भी स्पष्ट नहीं है। एफएसएल और डीएनए जांच रिपोर्ट आने से घटनास्थल की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। पुलिस का कहना है कि 28 मई को एफएसएल रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। उसके बाद पुलिस सभी बिंदुओं को देखकर चार्जशीट दायर करेगी।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का ये कहना है
एसएसपी आशीष भारती ने कहा कि प्रशासन की ओर से हर संभव मदद दी गयी। दो सप्ताह पहले से ही पीड़िता के पिता को दिल्ली ले जाने के लिए कहा जा रहा था लेकिन वाराणसी में चल रहे इलाज से परिवार वाले संतुष्ट थे। पीड़िता की मौत के बाद केस में 302 का धारा जोड़ने के लिए मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में प्रतिवेदन दिया जाएगा। इसके लिए बबरंगज थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है। बताया कि विधिक सेवा प्राधिकार की बैठक में मुआवजा भुगतान करने का निर्णय लिया गया। एक लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। पुन: पत्र भेजकर विधिक सेवा प्राधिकार की जल्द बैठक करने का आग्रह किया जाएगा। घटना से संबंधित कागजात बैठक में रखकर निर्णय लिया जाएगा।

जोनल आईजी विनोद कुमार ने कहा कि एसिड पीड़िता की मौत से गहरा सदमा लगा है। दुख की घड़ी में लोगों को शांति बनाए रखने की जरूरत है। परिवार को हर संभव मदद की जाएगी। डीआईजी विकास वैभव ने कहा कि पीड़िता को बचाने का पूरा प्रयास किया गया था। लोगों से अपील है कि दुख की घड़ी में सहानुभूति प्रगट करें। अफवाह न फैलाएं।

मौत के बाद भड़काऊ पोस्ट वायरल, पुलिस ने दी चेतावनी
डीआईजी ने कहा कि एसिड एटैक के दो आरोपी जेल में बंद है। पुलिस की प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है। पीड़िता के इलाज में भी पुलिस और प्रशासन की ओर से काफी मदद की गयी है। पीड़िता की मौत के बाद काफी लोगों ने सोशल साइट पर भड़काऊ पोस्ट वायरल कर दिया है। डीआईजी ने ऐसे कई लोगों को बुलाकर शांति बनाए रखने की अपील की है। माहौल बिगाड़ने वाले पोस्ट पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। कहा पोस्ट वायरल करने के पहले घटना की सच्चाई के बारे में अवश्य जान लें। उधर एसिड पीड़िता की मौत के बाद माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए सोमवार शाम एसएसपी ने दक्षिण इलाके की शांति समिति के साथ बैठक की और सहयोग की अपील की।

छात्रा के परिजनों को मिलेगा मुआवजा: डीएम
डीएम प्रणव कुमार ने बताया कि पीड़ित छात्रा का इलाज सरकारी स्तर पर कराने की व्यवस्था की गयी। तबीयत अधिक खराब होने पर सरकार के स्तर से एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध करायी गयी। नियम के अनुसार जो भी अधिकतम मुआवजा भुगतान का प्रावधान होगा, छात्रा के परिजनों को दिया जाएगा।

