नवगछिया में रोजाना मजदूरी कर अपनी आजीविका चलाने वाले मजदूरों को जब सोमवार सुबह नवगछिया सील होने की जानकारी मिली तो काफी मायूस हो गये। दरवाजे पर बैठे धरमू और सन्ता महतो ने कहा कि बाबू हमैं सनी रौजे कमाई छियै तभै घर में चूल्हा जलै छै हो बाबू, नवगछिया में ककरो नजर लगी गलै। राती घरों में चूल्हा केना जलते। भुखले रहै ले पड़ते हो बाबू।
रोजाना दिनभर कमाकर उसी मजदूरी से घर चलनेवाले दिहाड़ी मजदूरों के सामने खाने की चिंता दिख रही थी। मजदूर महेश ने कहा कि आजतक कभी नवगछिया में ऐसी स्थिति नहीं देखी थी। अब हम लोगों के घर का चूल्हा कैसे जलेगा। क्या खाएंगे बच्चे। कितने दिनों तक भूखे-प्यासे रहना होगा। वहीं रिक्शाचालक राजेश ने बताया कि हम चार आदमी हैं। दिन में रिक्शा चलाकर शाम में पैसा लाते हैं तो रात में भोजन बनता है।

सुबह का भोजन तो बन गया। शाम में क्या खाएंगे और बच्चों को क्या खिलाएंगे। अब यही सोच रहे हैं। हमलोगों ने अपने वार्ड के मुखिया को बताया तो 10 तारीख से अनाज मिलने की बात कही है। लेकिन बाबू हमलोग तबतक कहां जाएं और किसको अपनी पीड़ा कहें कोई तो बता दे।
नवगछिया नगर को सील किए जाने के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश कुमार ने सोमवार को अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक को नगर के घर घर सर्वे कराने का निर्देश दिया और लोगो को घरों में रहने की अपील की।उन्हौने कहा कि लोगो को घरों पर ही खाद्यान्न सामग्री,दूध, पानी दवाई उपलब्ध कराती जाएगी।इसके लिए अंनुम नडल में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। वहीं बाजार वासियों को के लिए अनुमंडल कार्यालय के नियंत्रण कक्ष का नंबर 06421223103 और 7543042579 जारी किया है।


