विक्रमशिला पुल के पाया नंबर-137 के पास मीडियाकर्मी साकेत कुमार की मौत मामले में ट्रैफिक थाने में पहला दुर्घटना का केस दर्ज किया गया है। मृतक के पिता बेलदौर थाने के तैनात दारोगा चंदन झा के बयान पर ट्रैफिक थाने में भादवि की धारा 304 ए के तहत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। पिता ने अपने बयान में दोनों बात का जिक्र किया है। सड़क दुर्घटना के अलावा पिता ने बयान में कहा कि उनके बेटे की मौत महज दुर्घटना नहीं है अौर इसे संदिग्ध बताया है। हालांकि पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया है कि साकेत की मौत दुर्घटना में हुई है। अज्ञात वाहन के धक्के से साकेत के सिर अौर सीने में चोट अाई थी। सीने की कई हड्डियां भी टूट गई है।
सिर से अत्यधिक खून निकलने के कारण हुई मौत
सिर से अत्यधिक खून निकलने के कारण साकेत की मौत होना बताया गया है। हालांकि मृतक के पिता ने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्हें की साकेत की मौत पर संदेह किस पर है अौर उसका क्या कारण है। साकेत की मौत की जानकारी पाकर बुधवार सुबह में मीडिया से जुड़े लोग मेडिकल कॉलेज पहुंच शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। साकेत अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें भी है। मूल रूप से नवगछिया के सिमरा का रहने वाला था अौर विक्रमशिला कॉलोनी में रहता था।

पिता ने कहा-एक माह पहले रिश्तेदार ने दी थी धमकी
पिता चंदन झा ने बताया कि एक माह पहले उनके एक रिश्तेदार ने साकेत को जान मारने की धमकी दी थी। इस कारण उनलोगों ने गांव अाना-जाना छोड़ दिया था अौर भागलपुर में किराए पर मकान लेकर रहने लगे थे। रिश्तेदार ने पिता से कहा था कि बेटे को समझा दो, नहीं तो जान मार देंगे। धमकी के पीछे कोई पारिवारिक विवाद है, लेकिन इसे चंदन झा ने पुलिस से शेयर नहीं किया अौर न ही केस में इसका उल्लेख किया। पिता के मुताबिक, हादसे की मौत की जानकारी पाकर मायागंज अस्पताल पहुंचे तो बेटे को मृत पाया। बताया गया कि दुर्घटना में उसकी मौत हो गई है। रात में साकेत नवगछिया से लौट रहा था अौर इसी दौरान उसकी सड़क हादसे में मौत हो गई।
रात भर एसएसपी व वरीय अफसरों ने किया कैंप
हादसे की जानकारी पाकर एसएसपी अाशीष भारती, सिटी एसपी सुशांत कुमार सरोज अौर सिटी डीएसपी राजवंश सिंह घटनास्थल, यातायात टीअोपी अौर मायागंज अस्पताल पहुंचे। एसएसपी ने रात में ही घटनास्थल की जांच की अौर एफएसएल टीम को बुलाया। इसके बाद सारे अधिकारी अस्पताल पहुंच गए। परिजनों के अाने के बाद सुबह सारे अधिकारी अस्पताल से लौटे।
बाइक अौर हेलमेट क्यों नहीं हुई क्षतिग्रस्त?
मृतक के दारोगा पिता चंदन झा का कहना है कि अगर दुर्घटना में उनके बेटे की मौत हुई है तो फिर उसकी बाइक अौर हेलमेट सही-सलामत कैसे रह गया? साकेत के सिर्फ सिर में चोट है। बाकी कहीं भी जख्म नहीं है। हाथ में छिलने का जो घाव है, वह एक दन पहले का है। हेलमेट भी सही-सलामत है। पुलिस इन बिंदुअों की जांच करे।


