अनाथ, दिव्यांग, अंतरजातीय और आर्थिक रूप से कमजोर जोड़ों को मिल रही नई जिंदगी
हर दुल्हन को स्वरोजगार के लिए दी जा रही सिलाई मशीन, चौथे संस्करण की तैयारी शुरू
नवगछिया। नवगछिया के प्रसिद्ध दुर्गा शक्तिपीठ तेतरी दुर्गा मंदिर प्रांगण में आयोजित निःशुल्क सामूहिक विवाह महोत्सव लगातार तीन वर्षों से समाजसेवा और मानवीय संवेदना की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से अनाथ, दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर और अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को प्राथमिकता देते हुए पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया जाता है।
कार्यक्रम के तहत हर वर्ष 25 वर-वधू का विवाह निःशुल्क कराया जाता है। इस प्रकार अब तक तीन संस्करणों में कुल 75 जोड़ों का घर बसाया जा चुका है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विवाह के बाद हर नवविवाहित जोड़े को विदाई स्वरूप गृहस्थी का पूरा सामान भी दिया जाता है, ताकि वे अपने नए जीवन की शुरुआत सम्मानपूर्वक कर सकें।
विदाई में मिलती है गृहस्थी की पूरी सामग्री
इस सामूहिक विवाह महोत्सव में नवदंपतियों को शादी में उपयोग होने वाली सभी आवश्यक सामग्री, बारातियों के लिए नाश्ता व भोजन, श्रृंगार का पूरा सामान, बर्तन सेट, श्रृंगार बक्सा, बड़ा बक्सा, बाल्टी सेट और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही, हर जोड़े को एक महीने का राशन जैसे आटा, चावल, दाल, मसाले आदि भी दिए जाते हैं।

हर दुल्हन को मिलती है सिलाई मशीन
इस कार्यक्रम की सबसे सराहनीय पहल यह है कि हर दुल्हन को स्वरोजगार के लिए एक-एक सिलाई मशीन दी जाती है, ताकि वे आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन सकें। आयोजकों का मानना है कि विवाह के साथ-साथ नवविवाहित बहनों को आर्थिक मजबूती देना भी उतना ही जरूरी है।
चौथे संस्करण की तैयारी, 25 जोड़ों का रजिस्ट्रेशन
कार्यक्रम संयोजक अनुज चौरसिया ने बताया कि इस वर्ष भी चौथे संस्करण की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। उन्होंने कहा कि इस बार भी नवगछिया पुलिस जिला के समाज के सभी वर्गों का भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिससे यह ऐतिहासिक आयोजन एक बार फिर सफल होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष के संस्करण के लिए अब तक चार दिव्यांग जोड़े, सात अनाथ जोड़े तथा अन्य अत्यंत गरीब परिवारों के वर-वधू का रजिस्ट्रेशन किया गया है।
11 जिलों के जोड़ों ने कराया पंजीकरण
इस सामूहिक विवाह महोत्सव की लोकप्रियता अब केवल नवगछिया तक सीमित नहीं रही। इस वर्ष भागलपुर, बांका, मुंगेर, पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, बेगूसराय, लखीसराय समेत करीब 11 जिलों के वर-वधू ने इस समारोह में विवाह के लिए पंजीकरण कर अपनी जगह सुनिश्चित कराई है।
समाज के हर वर्ग का मिल रहा सहयोग
कार्यक्रम की सफलता में तेतरी गांव के ग्रामीणों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्थानीय लोगों के सहयोग से कार्यक्रम स्थल को सजाने-संवारने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में कमेटी को काफी मदद मिल रही है। इसके अलावा, नवगछिया अनुमंडल के विभिन्न गांवों से भी कार्यकर्ता इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
मीडिया और समाज ने सराहा आयोजन
आयोजकों ने बताया कि इस महोत्सव को सफल बनाने में मीडिया बंधुओं का भी काफी सहयोग मिला है। प्रचार-प्रसार के कारण समाज में इस कार्यक्रम की व्यापक चर्चा हुई और पहले संस्करण की तुलना में लोगों का समर्थन लगातार बढ़ता गया। कार्यक्रम के बाद समाज में इसकी खूब सराहना हुई और इसे सेवा, सहयोग और सामाजिक एकता का उदाहरण बताया गया।
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें समाज के सभी वर्गों और सभी विचारधाराओं के लोगों ने एक मंच पर आकर सेवा कार्य में योगदान दिया। यही वजह है कि यह महोत्सव अब नवगछिया की पहचान बनता जा रहा है।
इन कार्यकर्ताओं की भूमिका रही अहम
इस आयोजन को सफल बनाने में बबलू चौधरी, मुकेश राय, सुजीत कश्यप, बमबम झा, मितेश रंजन, पंकज सिंह, रोनित भूषण सिंह, कन्हैया जी, संतोष मेहता, शुभम झा, साजन सिंह, अर्जुन सिंह, अरविंद सिंह, राहुल शर्मा, रिचि रिचर्ड्स प्रभाकर, सोनू जायसवाल, सुबोध सिंह, मिथुन कुमार, सुमित यादव, संजीव कुमार, गौतम साहू और अनुज चौरसिया समेत कई कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
चौथे संस्करण के लिए समाज से सहयोग की अपील
आयोजकों ने समाज के सभी लोगों से अपील की है कि वे इस निःशुल्क सामूहिक विवाह महोत्सव के चतुर्थ संस्करण को सफल बनाने के लिए अपना सहयोग, आशीर्वाद और सहभागिता दें, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बेटियों और बेटों का घर बसाया जा सके।

